{"_id":"667a6c336e0a9817610358e1","slug":"minister-dhan-singh-rawat-visited-badrinath-and-contacted-voters-in-mana-village-2024-06-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Joshimath: कैबिनेट मंत्री धन सिंह रावत ने किए बदरीनाथ के दर्शन, माणा में मतदाताओं से साधा संपर्क","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Joshimath: कैबिनेट मंत्री धन सिंह रावत ने किए बदरीनाथ के दर्शन, माणा में मतदाताओं से साधा संपर्क
Tue, 25 Jun 2024 12:52 PM IST
रेनू सकलानी
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
Published by: रेनू सकलानी
Updated Tue, 25 Jun 2024 12:52 PM IST
सार
राज्य गठन के बाद पहली बार देश के प्रथम गांव माणा में रहने वाले भोटिया जनजाति के ग्रामीण अपने पैतृक गांव में ही मतदान करेंगे। कैबिनेट मंत्री धन सिंह रावत ने गांव के लोगों से संपर्क साधा।
विज्ञापन
मंत्री धन सिंह रावत
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कैबिनेट मंत्री धन सिंह रावत बदरीनाथ दर्शन करने पहुंचे। भगवान बदरीविशाल के दर्शन कर आशीवार्द लेने बाद उन्होंने देश के पहले गांव माणा में पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ मतदाताओं से संपर्क साधा।
विज्ञापन
राज्य गठन के बाद पहली बार देश के प्रथम गांव माणा में रहने वाले भोटिया जनजाति के ग्रामीण अपने पैतृक गांव में ही मतदान करेंगे। पहली बार गांव में ईवीएम पहुंचेगी। चुनाव को लेकर ग्रामीणों में उत्साह बना हुआ है।
विज्ञापन
जिला निर्वाचन कार्यालय ने माणा गांव के प्राथमिक विद्यालय भवन को पोलिंग बूथ बनाया है। यहां इन दिनों मरम्मत का काम चल रहा है। माणा के अलावा नीती घाटी के भोटिया जनजाति के ग्रामीण भी पहली बार पैतृक गांवों के मतदान केंद्रों में वोट डालेंगे। नीती घाटी और माणा में 3,884 मतदाता हैं, जो अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें...Dehradun: आंखों के सामने जमींदोज हुए आशियाने...25 साल की सोनम की सदमे से मौत, आक्रोशित लोगों ने सड़क की जाम
नीती और माणा घाटी में भोटिया जनजाति के ग्रामीण निवास करते हैं। ये शीतकाल में बर्फबारी के चलते जिले के निचले क्षेत्रों में रहते हैं, जबकि ग्रीष्मकाल में अपने पैतृक गांवों में लौट जाते हैं। माणा गांव के ग्रामीण जिले के घिंघराण गांव में निवास करते हैं और नीती घाटी के ग्रामीण नंदप्रयाग, तेफना, देवलीबगड़, बिरही आदि गांवों में रहते हैं।