OMG: वैरागियों के शहर में बना 'मिलेनियर' हाउस
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पूरा घर बनाने में एक करोड़ रुपए लगे और उसे सजाने-संवारने में दो करोड़ का खर्च आ गया। जी हां, यह उसी धर्मनगरी हरिद्वार की बात है, जिसे वैराग्य का शहर कहा जाता है।
जहां एक कुटी में रहकर आदमी भजन-कीर्तन करने की बात करता था। इस शहर के लोग भी अब इंटीरियर डेकोरेशन पर मोटा पैसा खर्च करने लगे हैं। घर की सजावट को लेकर लोगों की रुचि बदली है।
हरिद्वार के लोगों में यह ‘दिलदारी’ पिछले पांच सालों के अंदर आई है। आर्किटेक्ट एवं डिजाइनर मनु अरोड़ा ने बताया कि उन्होंने हरिद्वार का सबसे बड़ा प्रोजेक्ट कनखल की एक कॉलोनी में बने घर की साज-सज्जा को लेकर किया है।
इस घर को बनाने में करीब एक करोड़ का खर्च आया है और इसके इंटीनियर डेकोरेशन पर करीब दो करोड़ रुपए खर्च हुए हैं। यह अकेला मामला नहीं है। हरिद्वार में आंतरिक साजसज्जा पर 50 लाख से एक करोड़ रुपए तक कई लोग खर्च कर चुके हैं।
आर्किटेक्ट एवं इंटीरियर डिजाइनर्स के अनुसार घर की सजावट पर लोग दो करोड़ रुपए तक खर्च कर चुके हैं। सिडकुल बनने के बाद लोगों का जीवन स्तर ऊंचे उठा है। घर के इंटीरियर पर खर्च करने का शौक पिछले पांच साल में ज्यादा बढ़ा है।
इस कारण महंगी हो जाती है सज्जा
उच्च वर्ग के लोग घरों में इटैलियन फ्लोरिंग कराते हैं। महंगे पत्थर या लकड़ी का प्रयोग होता है। इसकी कीमत 300 से 800 रुपए प्रति वर्ग फुट तक होती है। इसे लगाने का खर्च 80 रुपए प्रति वर्ग फुट हो जाता है।
वॉल पेनलिंग, बेड, कुर्सी, मेज, डायनिंग, दरवाजे, खिड़की लाइटिंग, नल से लेकर सारी चीजें विदेश से मंगाई जाती हैं या फिर देश के बड़े शहरों से इन्हें खरीदा जाता है। यह सारी खरीददारी डिजाइनर स्वयं करता है।
कार्यालय की सजावट में भी पीछे नहीं
घर ही नहीं बल्कि कार्यालय की सजावट में भी लोग पीछे नहीं है। कार्यालय की आंतरिक सज्जा पर भी लोग 15-20 लाख खर्च कर रहे हैं। बड़ी कंपनियों के साथ ही लोग अपने निजी कार्यालयों की भी साज-सज्जा करा रहे हैं।
लोगों को काम दिखना चाहिए। काम पसंद आता है तो लोग पैसा भी देने को तैयार हैं। लोगों को ईमानदार आर्किटेक्ट एवं डिजाइनर की तलाश रहती है।
- इंजीनियर मनु अरोड़ा, आर्किटेक्ट एवं डिजाइनर
पिछले कुछ सालों में हरिद्वार के लोगों की रुचि तेजी से बदली है। घर के अंदर की सजावट को लेकर शौक बढ़ा है।
- विपिन गुप्ता