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Mid Day Meal Controversy: बच्चों ने अनुसूचित जाति की भोजनमाता के हाथों से बना खाना खाने से किया मना, स्कूल ने काटी टीसी

Fri, 20 May 2022 08:03 AM IST
रेनू सकलानी संवाद न्यूज एजेंसी, टनकपुर (चंपावत)।
संवाद न्यूज एजेंसी, टनकपुर (चंपावत)। Published by: रेनू सकलानी Updated Fri, 20 May 2022 08:03 AM IST
सार

अनुसूचित जाति की भोजनमाता के हाथों से बना खाना खाने से मना करने के बाद प्रधानाचार्य और कुछ शिक्षकों ने बच्चों को समझाने का प्रयास किया लेकिन बच्चों ने घरेलू कारणों की दलील देकर खाना खाने से मना कर दिया। नाम काटने की धमकी देते हुए कुछ बच्चों की टीसी भी काटी गई।

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mid day meal controversy, Student Refusal to eat food prepared by Bhojanmata Of scheduled caste 
सांकेतिक फोटो - फोटो : Social Media

विस्तार

सूखीढांग के जीआईसी में मध्यान्ह भोजन योजना (एमडीएम) विवाद फिर शुरू हो गया है। छठीं से आठवीं कक्षा के सात से दस बच्चे अनुसूचित जाति की भोजनमाता के हाथों बनाया खाना नहीं खा रहे हैं। आरोप है कि सवर्ण जाति के ये बच्चे जातिगत कारणों से भोजन का बहिष्कार कर रहे हैं।

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आरोप है कि चेतावनी देते हुए स्कूल प्रशासन ने कुछ बच्चों की टीसी (स्थानांतरण प्रमाणपत्र) भी काटी। इस मामले को सुलझाने के लिए प्रधानाचार्य प्रेम सिंह ने गुरुवार को अभिभावकों की बैठक बुलाई लेकिन इसमें कोई नतीजा नहीं निकला।  जीआईसी में इस सप्ताह के पहले चार दिनों में सात से दस सवर्ण बच्चों ने भोजन करने से इन्कार कर दिया।

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जानकारी मिलने पर प्रधानाचार्य और कुछ शिक्षकों ने बच्चों को समझाने का प्रयास किया लेकिन बच्चों ने घरेलू कारणों की दलील देकर खाना खाने से मना कर दिया। नाम काटने की धमकी देते हुए कुछ बच्चों की टीसी भी काटी गई।
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स्कूल प्रशासन ने छात्रों को अभिभावकों के आने और भोजन न करने तक स्कूल आने से रोक लगा दी। गुरुवार को हुई बैठक में अभिभावकों ने भोजन न करने की वजह जातिगत न बताते हुए निजी बताई लेकिन लंबी बैठक के बावजूद मामला अनसुलझा रहा। स्कूल में दो सवर्ण और एक दलित भोजनमाता है। 

प्रधानाचार्य का पक्ष

कुछ दिनों से सात से दस बच्चे अनुसूचित जाति की भोजनमाता के हाथ का बना खाना नहीं खा रहे हैं जबकि दूसरी भोजनमाता के हाथों से बनाया खाना ये बच्चे खाते रहे हैं। यह स्थिति न स्कूल के नियमों के अनुकूल है और न ही सामाजिक सौहार्द्र के हिसाब से ठीक है। बृहस्पतिवार को अभिभावकों की बैठक बुलाई गई थी लेकिन कोई नतीजा नहीं निकला। किसी भी बच्चे का नाम नहीं काटा गया है। चेतावनी देने के लिए कुछ बच्चों को टीसी दी गई थी। पूरे मामले की जानकारी विभागीय उच्चाधिकारियों को दे दी गई है। -प्रेम सिंह, प्रधानाचार्य, जीआईसी सूखीढांग। 

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सीईओ का पक्ष
एमडीएम विवाद की लिखित जानकारी नहीं है। प्रधानाचार्य से मामले की जानकारी लेकर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। 
-जितेंद्र सक्सेना, सीईओ, चंपावत।

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