मानसिक रूप से विकृत लोगों का टारगेट होते हैं छोटे बच्चे, बच्चों को जरूर सिखाएं ये गुड और बैड टच
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मानसिक रूप से विकृत मनुष्य छोटे बच्चों को अपना निशाना बनाते हैं। छोटे बच्चों में लड़के और लड़कियां दोनों शामिल हैं। पीडियोफेलिक पर्सनैलिटी (मानसिक विकृत) वाले मनुष्य अपने टारगेट पर आने वाले बच्चे से किसी न किसी बहाने से मिलने का प्रयास करते हैं।
मनोवैज्ञानिक युवराज पंत ने बताया कि पीडियोफेलिक पर्सनैलिटी वाले मनुष्य बच्चे को छूने का प्रयास करते हैं। बताया कि मादक पदार्थ का सेवन करने वाले मनुष्य अपनी हवस मिटाने के लिए बच्ची, युवती या बुजुर्ग को निशाना बना सकते हैं।
मनोचिकित्सक डॉ. मनोज त्रिवेदी ने बताया कि ऐसे आपराधिक कृत्य करने वालों के पीछे परवरिश, संस्कार और माहौल भी जिम्मेदार होता है। कहा कि स्कूलों को एक काउंसलर रखकर बच्चों को जागरूक करना चाहिए। अगर बच्चे के व्यवहार में बदलाव आता है तो भी बताना चाहिए।
मोबाइल पर इंटरनेट भी है जिम्मेदार
मोबाइल पर इंटरनेट के माध्यम से पोर्न साइट भी आसानी से देखने को मिल जाती है। क्लीनिकल साइकोलाजिस्ट डॉ. नेहा शर्मा ने बताया कि यौन दुष्कर्म करने वाले बहुत से लोग मोबाइल पर इस तरह की साइट देखते हैं।
ये वेबसाइटें लोगों को मानसिक रूप से बीमार बना रही हैं। ऐसे अपराध करने वाले ज्यादातर लोग नशेड़ी प्रवृत्ति के होते हैं।
गुड टच ::
= किसी बच्चे कि सिर पर हाथ फेरना।
= प्यार से गाल पर हाथ लगाना
= बहुत करीबी संबंधी का बच्चा होने पर उसके गाल पर प्यार करना।
कोई अगर ऐसा करे तो तो सचेत रहें
= प्राइवेट पार्ट को टच करना।
कोई अगर ऐसा करे तो तो सचेत रहें
= बार-बार बच्ची-बच्चे के करीब आने का प्रयास करना, या मिलने के अवसर खोजना।
= टाफी, चाकलेट या कोल्डड्रिंक का प्रलोभन देना।
= विश्वास जीतने के बाद घर कुछ न बताने की बात कहना।