अमित शाह की टीम से उत्तराखंड के धुरंधर आउट
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राष्ट्रीय टीम में उत्तराखंड भाजपा के धुरंधर इस बार भी खेत रहे। सक्रिय राजनीति करने और मोदी कैंप के नजदीक माने जाने वाले प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ नेता अनिल बलूनी शाह की नई टीम में प्रदेश से इकलौते चेहरे हैं।
उन्हें पार्टी का राष्ट्रीय प्रवक्ता बनाया गया है। आरएसएस से जुड़े रहे बलूनी की पहचान प्रदेश में किसी भी गुट विशेष के नेता केतौर पर नहीं है लेकिन राजनीति में उनकी निरंतरता बनी रहती है।
बहुत कम लोग जानते है कि अनिल बलूनी प्रदेश संगठन के प्रवक्ता भी है। क्योंकि प्रदेश भाजपा ने कभी उनका संज्ञान लेना उचित नहीं समझा।
बलूनी को किसी बैठक में कभी नहीं बुलाया गया
प्रदेश संगठन की तरफ से बलूनी को किसी बैठक में कभी नहीं बुलाया गया। लेकिन केंद्रीय नेतृत्व ने उन्हें राष्ट्रीय प्रवक्ता बनाकर प्रदेश नेतृत्व को एक तरह से आईना दिखाया है।
प्रदेश भाजपा में वह हाशिए पर तो रहे लेकिन अपने दम पर लोकसभा चुनाव में पौड़ी से टिकट हासिल करने के लिए जनरल खंडूड़ी से मुकाबिल भी हुए।
पेशे से पत्रकार रहे अनिल बलूनी को उनकी तटस्थ छवि के साथ ही लोकसभा चुनाव में बनारस सीट पर मोदी के लिए दो महीने तक काम करने का ईनाम भी मिला।
अन्य नेताओं को जिम्मेदारी न मिलना चिंता का विषय
2002 में कोटद्वार से वह भाजपा उम्मीदवार थे, लेकिन उनका नामांकन निरस्त हो गया। पार्टी से जुड़े लोग बताते है कि वह एक षड़यंत्र के तहत हुआ।
बलूनी ने इस चुनाव को सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती दी और तीन साल बाद चुनाव रद्द कर दिया गया। बलूनी फिर चुनाव लड़े लेकिन इस बार 5000 वोट से हार गए।
लेकिन प्रदेश से किसी अन्य नेता को जिम्मेदारी नहीं मिलना चिंता का विषय है। पिछली बार त्रिवेंद्र सिंह रावत भी प्रदेश से राष्ट्रीय टीम में अकेले पदाधिकारी थे।
उन्होंने राष्ट्रीय सचिव के साथ ही अमित शाह की टीम में यूपी के सह प्रभारी की जिम्मेदारी निभाई। लेकिन इस बार उन्हें भी मौका नहीं मिला।
संयुक्त महासचिव बनाए गए शिवप्रकाश सिंह का आरएसएस का कार्यक्षेत्र उत्तराखंड भी रहा, वह पश्चिमी यूपी-उत्तराखंड के क्षेत्रीय प्रचारक रहे है लेकिन वह मूलत: मुरादाबाद (यूपी) के रहने वाले है।
बलूनी की पृष्ठभूमि पर एक नजर
: 1992-98 तक सक्रिय पत्रकार रहे
: 1998 में बिहार के राज्यपाल सुंदर सिंह भंडारी के ओएसडी नियुक्त हुए
: 1999-2001 तक राज्यपाल केओएसडी रहे
: 2001 में प्रदेश युवा मोर्चा के महामंत्री (संगठन) बने
: 2005 में उपचुनाव लड़े और सुरेंद्र सिंह नेगी से 5000 वोट से हार गए
: 2010 में प्रदेश वन एवं पर्यावरण सलाहाकार समिति के उपाध्यक्ष बने
: 2013 से भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता के पद पर कार्यरत