{"_id":"5749175d4f1c1ba52569109e","slug":"medicine-local-purchase-in-doon-medical-college","type":"story","status":"publish","title_hn":"दून मेडिकल कॉलेज में फिर उठा दवाओं की एलपी का मामला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दून मेडिकल कॉलेज में फिर उठा दवाओं की एलपी का मामला
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
Updated Sat, 28 May 2016 09:28 AM IST
विज्ञापन
जांच में पता चला है कि दवाई को खासतौर पर नशे के लिए ही बनाया गया था।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल में दवाओं की लोकल परचेज (एलपी) का लाभ नहीं देने का मामला फिर चर्चाओं में है।
विज्ञापन
राज्यपाल के निर्देश पर चिकित्सा शिक्षा निदेशक ने मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य को पत्र भेजा है। उन्होंने दवाओं की एलपी के संबंध में आख्या/प्रस्ताव उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल में शामिल दून अस्पताल में पहले दवाओं की लोकल परचेज की व्यवस्था थी।
इसके तहत अनुमन्य श्रेणियों के रोगियों की ऐसी दवाएं जो अस्पताल में उपलब्ध नहीं हो, वह बाजार से खरीद कर उपलब्ध कराई जाती थी। लेकिन इस मद में करीब तीन करोड़ रुपये का बकाया होने के बाद व्यवस्था पिछले वर्ष रोक दी गई। इससे बीपीएल, अंत्योदय, राज्य आंदोलनकारी और मान्यता प्राप्त पत्रकारों को इसका लाभ मिलना पूरी तरह बंद हो गया। खास बात यह है कि इस व्यवस्था से ना केवल दवाएं, बल्कि सर्जिकल उपकरण और सर्जरी में प्रयुक्त होने वाला सामान जैसे रॉड, प्लेट इत्यादि भी खरीदी जाती थी।
विज्ञापन
पार्क रोड निवासी अनिल धीमान ने राज्यपाल डॉ. केके पाल को पत्र भेजकर व्यवस्था दोबारा लागू करने की मांग की थी। राजभवन के निर्देश पर निदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ. आशुतोष सयाना ने मेडिकल कॉलेज प्राचार्य को पत्र भेजा है। प्राचार्य को इस मामले में स्थिति स्पष्ट करते हुए आख्या/प्रस्ताव उपलब्ध कराना होगा।
विज्ञापन