देहरादून: 1300 से ज्यादा व्यापारियों की बढ़ेगी परेशानी, अगर ऐसा नहीं किया तो टूटेंगी दुकान
- एमडीडीए ने 1300 से ज्यादा व्यापारियों को जारी किया है नोटिस, कम्पाउंडिंग नहीं कराने पर तोड़ी जाएंगी दुकानें
- व्यापारियों ने सरकार से तीन दिन के भीतर हित में अध्यादेश लाने की मांग की
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मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) से आवासीय भवनों में व्यवसायिक गतिविधियां चलाने वाले व्यापारियों को राहत मिलने की उम्मीद बिल्कुल नहीं है। यदि दुकानदारों ने नक्शे से इतर निर्माण किया है तो कम्पाउंडिंग का विकल्प अब उनके सामने है। अधिकारियों के मुताबिक 31 दिसंबर तक कार्रवाई के बाद हाईकोर्ट में जवाब दाखिल करना है।
बता दें कि एमडीडीए ने 1300 से अधिक दुकानदारों को नोटिस जारी किया है, जिसमें 450 से ज्यादा नोटिस राजपुर क्षेत्र के दुकानदारों को भेजे गए हैं। पिछले महीने एमडीडीए की ओर से जाखन, राजपुर, मालसी, किशनपुर और कुठालगेट समेत 1300 से अधिक दुकानदारों को नोटिस भेजे। इसके विरोध में बुधवार को राजपुर क्षेत्र के दुकानदारों ने विरोध जताते हुए प्रदर्शन भी किया।
दुकानें बंद रखते हुए सिटी मजिस्ट्रेट के माध्यम से शहरी विकास मंत्री मदन कौशिक को ज्ञापन भेजा। इस दौरान व्यापारियों ने प्रदेश सरकार से तीन दिन के भीतर उनके हित में अध्यादेश लाने की मांग की। साथ ही ऐसा नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी।
लेकिन, एमडीडीए के मुताबिक जो व्यापारी और दुकानदार वन टाइम सेटलमेंट (ओटीएस) के तहत कम्पाउंडिंग नहीं कराएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। साफ किया कि 31 दिसंबर को हाईकोर्ट में एमडीडीए को अपनी रिपोर्ट जमा करानी है, ऐसे में वह दुकानदारों को किसी भी तरह की कोई रियायत नहीं देगा।
एमडीडीए ने दोबारा भेजे नोटिस
एमडीडीए ने शुक्रवार को 1000 से अधिक दुकानदारों को दोबारा नोटिस भेजे हैं। अधिकारियों का कहना है कि पहली बार भेजे नोटिस के बाद भी दुकानदार एमडीडीए नहीं पहुंचे, जिसके चलते उन्हें फिर से नोटिस भेजे गए हैं।
कल बैठक कर रणनीति बनाएंगे व्यापारी
जाखन व्यापार मंडल के संयोजक जगदीश चौहान ने बताया कि व्यापारी रविवार को जाखन स्थित हरिहर मंदिर में बैठक करेंगे। जिसमें आंदोलन की रणनीति बनाई जाएगी। उन्होंने कहा कि उत्पीड़न बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। त्योहारी सीजन में दुकानदार परेशान हैं। सरकार ने जिस तरह शराब कारोबारियों और मलिन बस्ती को अध्यादेश लाकर राहत दी थी, उसी तरह दुकानदारों को भी देनी चाहिए।
उक्रांद ने डीएम कार्यालय में किया प्रदर्शन
उक्रांद महानगर अध्यक्ष सुनील ध्यानी के नेतृत्व में दुकानदारों और कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को जिलाधिकारी कार्यालय में प्रदर्शन किया। साथ ही मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन डीएम सी. रविशंकर को दिया। इस दौरान ध्यानी ने कहा कि एमडीडीए की ओर से दुकानदारों को नोटिस भेजना गलत है। छोटे व्यवसायियों की दुकानों को नोटिस और कोर्ट के आदेश को लेकर ध्वस्तीकरण करना व्यापारियों का उत्पीड़न है। सरकार को अध्यादेश लाकर छोटे दुकानदारों और व्यवसायियों की मदद करनी चाहिए। इस दौरान संजय क्षेत्री, लताफत हुसैन, राजीव अरोड़ा, चेतन ओबेरॉय, राजेश, प्रेम साहू, अनुज सक्सेना, तरुण ओबेरॉय आदि मौजूद रहे।
हाईकोर्ट के आदेश का पालन करते हुए दुकानदारों को नोटिस भेजे गए हैं। वन टाइम सेटलमेंट के तहत कम्पाउंडिंग कराने पर जो राहत दी जा सकती है वह दी जाएगी। 31 दिसंबर तक हमें अपनी रिपोर्ट हाईकोर्ट में जमा करानी है।
- डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव, उपाध्यक्ष एमडीडीए
एमडीडीए की ओर से दुकानदारों को परेशान किया जा रहा है। जब दुकानें बनी थीं, तब एमडीडीए अस्तित्व में नहीं था। एमडीडीए और सरकार को अध्यादेश लाकर दुकानदारों को राहत देनी चाहिए। नहीं तो व्यापारी आंदोलन करेंगे।
- जगदीश चौहान, संयोजक जाखन व्यापार मंडल