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एमडीडीए ने बताया, ऐसे बनाएं भवन वैध

Sat, 03 Jan 2015 12:35 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून Updated Sat, 03 Jan 2015 12:35 PM IST
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mdda tell their scheme for validation

मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने अवैध निर्माण को वैध करने के मकसद से शुरू की गई ‘वन टाइम सेटलमेंट स्कीम’ समझाने के लिए शुक्रवार को जागरूकता शिविर लगाया। हालांकि बारिश और ठंड के कारण शिरिवर में कम लोग ही पहुंचे, लेकिन उन्हें योजना की पूरी जानकारी दी गई।

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इस स्कीम के तहत एमडीडीए ने ऐसे भवन स्वामियों को बड़ी राहत दी है, जिनके घरों का नक्शा नहीं है या ऐसे चालान हो चुके घर जिनका शमन (कंपाउंडिंग) नहीं कराया है। ऐसे भवन स्वामियों के लिए एमडीडीए जल्द कंपाउंडिंग शिविर आयोजित करेगा। इस शिविर में कैसे लोग आ सकते हैं, इसके लिए शुक्रवार को जागरूकता शिविर लगाया गया।
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बन्नू स्कूल में शिविर के दौरान बारिश के बीच 39 लोग पहुंचे, जबकि इंजीनियर एन्क्लेव में 49 लोग जागरूक हुए। एमडीडीए सचिव बंशीधर तिवारी ने बताया, जो लोग कैंप में आए थे, उन्हें आसपास के लोगों को भी जागरूक करने की सलाह दी गई है। शिविर में संयुक्त सचिव मीनाक्षी पेटवाल, अधिशासी अभियंता अनिल त्यागी, ओएसडी एकता अरोरा, सहायक अभियंता सुनील पराशर, आनंद राम, अवर अभियंता विनोद चौहान, नरेंद्र तोमर आदि रहे।
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इस तरह मिलेगा फायदा
 - शमन योग्य प्रकरणों में आगे, मध्य और पिछले सेट बैक के तहत दस फीसदी की अतिरिक्त छूट ऐसे भवनों में देय होगी, जहां छूट के बावजूद शमनीय भवनों में न्यूनतम तीन फीट आगे और पिछला सेट बैक हो।
- एकमुश्त राशि जमा करने पर शमन शुल्क में दस फीसदी छूट। शमन धनराशि चार किस्तों में जमा हो सकेगी।
- शमन जल्द निपटे इसके लिए एमडीडीए स्टाफ के निरीक्षण और शमनीय निर्माण पुष्टि की जरूरत नहीं होगी।
- काउंसिल ऑफ आर्कीटेक्ट में पंजीकृत आर्कीटेक्चर और प्राधिकरण में पंजीकृत लाइसेंसी द्वारा आवेदन के साथ संलग्न शमन मानचित्र देना होगा। एक शपथपत्र भी देना होगा।

- जिन भवनों का चालान नहीं है, उनमें भवन स्वामी निर्माण पुष्टि के लिए बिजली, पानी और टेलीफोन बिल आदि अभिलेख पेश करेंगे। संबंधित बिल (जो भी पहले तिथि का हो) के आधार पर शमन कार्रवाई होगी।
- राज्य गठन से पूर्व के मामलों में सन 2000 के सर्किल रेट पर शमन होगा।

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