मातृसदन के परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद की सुरक्षा हटाई तो बह्मचारी आत्मबोधानंद ने त्यागा जल
- बह्मचारी आत्मबोधानंद ने जल भी त्यागा, एसएसपी को हटाने की मांग
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दिल्ली के एम्स अस्पताल में गंभीर हालत के चलते उपचाराधीन साध्वी पद्मावती का मामला अभी शांत नहीं हुआ है, लेकिन पुलिस प्रशासन और मातृसदन में एक बार फिर ठन गई है। वजह है कि पुलिस प्रशासन ने मातृसदन के परमाध्यक्ष स्वामी शिवानंद सरस्वती की सुरक्षा के लिए दिए गए दोनों पुलिसकर्मियों को बुधवार की शाम अचानक हटा लिया।
एक पुलिसकर्मी पहले ही हटा दिया गया था। अब मातृसदन में कोई भी सुरक्षाकर्मी नहीं है। जबकि वर्ष 1998 से स्वामी शिवानंद सरस्वती को सुरक्षा मिली हुई है। मातृसदन ने इसे साजिश में की गई कार्रवाई बताया और प्रतिक्रिया स्वरूप आमरण अनशन कर रहे ब्रह्मचारी आत्माबोधानंद ने शाम से ही जल भी छोड़ दिया है। आत्मबोधानंद ने एसएसपी को हटाने की मांग की है।
मातृसदन के संत स्वामी शिवानंद की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाते हुए एसएसपी पर पहले से ही निशाना साधे हुए हैं। हालांकि पिछले कुछ दिनों से उन्होंने इस मुद्दे पर नर्मी बरती हुई थी।
दो दिन पहले आमरण अनशन कर रही साध्वी पद्मावती की तबीयत बिगड़ जाने पर उन्हें दिल्ली एम्स ले जाया गया था। तब से मातृसदन का प्रकरण काफी चर्चा में है। ऐसी उम्मीद जताई जा रही थी कि अब शासन और सरकार के स्तर से ऐसे प्रयास किए जाएंगे। जिससे साध्वी और आत्मबोधानंद का आमरण अनशन समाप्त कराया जा सके।
लेकिन बुधवार की शाम अचानक पुलिस प्रशासन की ओर से मातृसदन के प्रमुख स्वामी शिवानंद सरस्वती की सुरक्षा में लगाए गए दोनों पुलिसकर्मी वापस बुला लिए गए। एसएसपी सेंथिल अबुदई कृष्ण राज एस ने बताया कि यह सामान्य प्रक्रिया है। एसएसपी को केवल 15 दिनों के लिए गनर उपलब्ध कराने और 15 दिन के लिए दोबारा नवीनीकरण करने का ही अधिकार है।
बुधवार को जब समीक्षा की गई तब पाया गया कि यह अवधि पूरी हो गई है, इसलिए सुरक्षाकर्मी वापस बुलाए गए हैं। अब अगर मातृसदन को सुरक्षाकर्मी चाहिए तो शासन स्तर पर आवेदन करना होगा। शासन की ओर से अगर आदेश मिलता है तो दोबारा सुरक्षा मुहैया करा दी जाएगी।