फिर दिखे माओवादी पोस्टर, पुलिस से लेकर लोगों में हड़कंप
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अल्मोड़ा स्थित बिंता और बग्वालीपोखर के बाद माओवादियों ने डीआईजी के अल्मोड़ा भ्रमण से पहले जीआईसी भगतोला की दीवार और सकार गांव में पोस्टर चिपकाने के साथ ही दीवारों पर नारे भी लिख दिए। पोस्टरों में शराब के खिलाफ चल रहे आंदोलनों को समर्थन दिया गया है।
भाकपा (माओवादी) की ओर से जीआईसी भगतोला की दीवारों, भगतोला पुल और सकार गांव में लाल पोस्टर लगाए हैं। लाला रंग से दीवारों पर लिखा गया है कि शराब की दुकानों को ध्वस्त करो, घर बर्बाद होने से बचाओ, युवाओं को नशा नहीं रोजगार दो वरना सम्मान से जीने लायक भत्ता दो, राज्य में पूर्ण शराबबंदी लागू करो, शराब के ठेकों को जनता आग लगाए, उत्तराखंड को नशा और शोषण मुक्त राज्य बनाने के लिए माओवादी पार्टी में शामिल हों।
कथित माओवादियों का अब तक कोई सुराग नहीं
प्रदेश भर में शराबबंदी के लिए छात्र, महिलाओं के जुझारू संघर्ष और तोड़फोड़ की कार्रवाइयों को भाकपा (माओवादी) की ओर से समर्थन दिया गया है।
मंगलवार सुबह लोगों ने भगतोला में पोस्टर लगे देखे तो इसकी सूचना पुलिस को दी। तहसीलदार खुशबू आर्या के नेतृत्व में पुलिस और राजस्व कर्मी भगतोला पहुंचे और जानकारी ली, पर कथित माओवादियों का अब तक कोई सुराग नहीं लग सका है।
मालूम हो कि माओवादियों ने शनिवार को बिंता,बग्वालीपोखर क्षेत्र में भी इसी तरह की वॉल पेंटिंग की थी और पर्चे फेंके थे लेकिन इन घटनाओं को अंजाम देने वालों को पुलिस प्रशासन अब तक नहीं पकड़ सका है।