उत्तराखंड : मेरी चुनौती पर मैदान छोड़ने वाले, जनता की अदालत से कैसे भागेंगे - मनीष सिसोदिया
आम आदमी पार्टी (आप) के वरिष्ठ नेता व दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि पांच कामों पर खुली बहस की चुनौती पर मैदान छोड़ने वाले भाजपा नेता जनता की अदालत से कैसे भागेंगे। त्रिवेंद्र सरकार की पोल खोलने से सरकार के मंत्री और भाजपा नेता बौखलाए हुए हैं। वे मुझे गाली दे रहे हैं, लेकिन सवालों का जवाब नहीं दे रहे हैं।
सिसोदिया ने कहा कि उत्तराखंड में आप की बढ़ती लोकप्रियता भाजपा नेताओं को रास नहीं आ रही है। उन्होंने उत्तराखंड दौरे पर त्रिवेंद्र सरकार से चार सालों के कार्यकाल में पांच सालों का जवाब मांगा था। वहीं, शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, पानी, महिला सुरक्षा व रोजगार के मुद्दे पर खुली बहस की चुनौती दी थी। कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक की चुनौती स्वीकार करने के बाद बहस के लिए उत्तराखंड आया लेकिन मंत्री बहस में नहीं आए।
वहीं, दिल्ली में भी केजरीवाल मॉडल पर बहस का निमंत्रण दिया था और वहां पर नहीं आए। सिसोदिया ने कहा कि भाजपा की कथनी और करनी में अंतर है। सरकारी स्कूलों के दावे जो सरकार करती है उसकी हकीकत मुख्यमंत्री की विधानसभा में ही नजर आ गई। अब प्रदेेश के गांवों व कस्बों के लोग सेल्फी विद स्कूल अभियान के माध्यम से बदहाल स्कूलों व स्वास्थ्य केंद्रों की हकीकत को उजागर कर रहे हैं।
मदन कौशिक ने कहा था जो बोलना होगा राज्य की जनता से कहेंगे
दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने उत्तराखंड के कैबिनेट मंत्री एवं शासकीय प्रवक्ता मदन कौशिक को केजरीवाल मॉडल पर बहस के लिए दिल्ली बुलाया था।
मदन कौशिक दिल्ली नहीं गए। उन्होंने कहा था कि वह मनीष सिसोदिया से कोई बात नहीं करेंगे। उन्हें जो बोलना होगा वह राज्य की जनता से कहेंगे। कहा कि मनीष सिसोदिया पर्यटन राजनीति कर रहे हैं।
सिसोदिया ने बहस के लिए बुधवार (छह जनवरी) सुबह 11 बजे का समय तय किया था। उन्होंने कहा था कि अगर आप अपनी सरकार के पांच काम नहीं गिना सकते तो कम से कम केजरीवाल का काम तो देख सकते हैं।
मनीष सिसोदिया की ओर से जारी किए गए पत्र में कहा गया था कि चार जनवरी को वह कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक के चैलेंज का स्वीकार करते हुए बहस करने के लिए देहरादून आए थे लेकिन मदन कौशिक नहीं आए।