आदमखोर का अंत: जॉय की बंदूक से ढेर गुलदार
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पौड़ी के एकेश्वर ब्लाक के सकिंडा गांव में आतंक का पर्याय बने आदमखोर गुलदार को शिकारी जॉय हुकिल ने मार गिराया। गुलदार के मारे जाने से ग्रामीणों ने राहत की सांस ली है।
सकिंडा गांव में नौ जून की रात इस गुलदार ने आठ वर्षीय रोहित को शिकार बना दिया था। घटना के दूसरे दिन गुलदार को पकड़ने के लिए वन विभाग ने गांव में दो पिंजरे लगा दिए। साथ ही ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए शिकारी जॉय हुकिल को भी तैनात किया था। 16 जून को वन विभाग की ओर से गुलदार को आदमखोर घोषित कर दिया गया था।
दमदेवल रेंज के रेंजर शिशुपाल रावत ने बताया कि शुक्रवार की रात करीब 11.45 बजे गुलदार सकिंडा गांव में उस स्थान पर पहुंचा जहां उसने नौ जून को बालक का शिकार किया था। उसे देखते ही शिकारी जॉय हुकिल ने बंदूक से फायर कर दिया। गोली लगने से गुलदार वहीं ढेर हो गया। मारे गए नर गुलदार की आयु करीब सात साल है।
भूख ने गुलदार को बना दिया आदमखोर
साढे़ सात फुट लंबे गुलदार की हालत देखकर लग रहा है कि वह कई दिनों से भूखा था। अनुमान लगाया जा रहा है कि जंगल में भोजन नहीं मिलने से वह लोगों पर हमला कर रहा था। गुलदार के शव को पोस्टमार्टम के बाद जला दिया गया।
टिहरी में गुलदार को मारने के लिए शूटर तैनात
टिहरी के भिलंगना ब्लॉक के ग्राम फलेंडा में शुक्रवार शाम एक बच्ची को निवाला बनाने के बाद गुलदार शनिवार दोपहर को भी गांव में आ धमका। वन विभाग ने आदमखोर गुलदार को मारने के लिए शूटर तैनात कर दिया है।
बताया जा रहा है कि फलेंडा गांव के विजय सिंह राणा गर्मियों की छुट्टी में देहरादून से गांव गए थे। रात में उनकी बेटी आंगन में खेल रही थी तभी गुलदार हमला कर उसे उठा ले गया। घर से कुछ दूरी पर बच्ची की क्षत-विक्षत लाश मिली थी।