फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Malta Festival saw four times the income of the department, not the farmers

Dehradun: माल्टा महोत्सव में किसान नहीं... विभाग की आय हुई चार गुना, 10 रुपये प्रति किलो खरीदकर 40 में बेचा

Mon, 05 Jan 2026 04:10 AM IST
दुष्यंत शर्मा बिशन सिंह बोरा, देहरादून
बिशन सिंह बोरा, देहरादून Published by: दुष्यंत शर्मा Updated Mon, 05 Jan 2026 04:10 AM IST
सार

किसानों से 10 रुपये प्रति किलो की दर से खरीदा गया सी ग्रेड माल्टा 40 रुपये बिका। वहीं गलगल और चकोतरा को किसानों से सात रुपये प्रतिकिलो के हिसाब से खरीदा गया जो विभाग ने 15 रुपये प्रतिकिलो बेचा।

विज्ञापन
Malta Festival saw four times the income of the department, not the farmers
file pic

विस्तार

उत्तराखंड औद्यानिक परिषद ने किसानों से 10 रुपये प्रति किलो के हिसाब से खरीदे गए माल्टा को महोत्सव में चार गुना कीमत पर यानी 40 रुपये प्रति किलो की दर से बेचा। इससे एक ओर जहां किसान खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर इसकी डिमांड देख अब किसानों को माल्टा से भविष्य में बेहतर मुनाफे की आस जगी है।

विज्ञापन


माल्टा उत्तराखंड की पहचान और परंपरा से जुड़ा है। पहाड़ में धूप में बैठकर इसके स्वाद का आनंद ही कुछ और है। इसके बावजूद दूरदराज के क्षेत्रों में किसानों को माल्टे और नींबू वर्गीय फलों के अच्छे दाम नहीं मिल पा रहे हैं। इसे देखते हुए सरकार ने माल्टे की ब्रांडिंग और इसे बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के लिए पहली बार राजकीय उद्यान सर्किट हाउस गढ़ीकैंट में माल्टा महोत्सव का आयोजन किया। 
विज्ञापन


इसमें किसानों से 10 रुपये प्रति किलो की दर से खरीदा गया सी ग्रेड माल्टा 40 रुपये बिका। वहीं गलगल और चकोतरा को किसानों से सात रुपये प्रतिकिलो के हिसाब से खरीदा गया जो विभाग ने 15 रुपये प्रतिकिलो बेचा। किसानों का कहना है कि यह पैसा उत्तराखंड औद्यानिक परिषद के खाते में गया। उन्हें अपेक्षाकृत इसका लाभ नहीं मिल सका।
विज्ञापन
विज्ञापन


महोत्सव में आए जजोली ब्लॉक गंगोलीहाट पिथौरागढ़ के दुर्गा राम बताते हैं कि सरकार ने माल्टे का न्यूनतम समर्थन मूल्य 10 रुपये घोषित किया है, हालांकि यह उनके क्षेत्र में कम बिकता है। दस रुपये में खरीद के लिए कोई क्रय केंद्र भी नहीं है। बागेश्वर से आए रोशन सिंह बताते हैं कि विभाग ने उनसे माल्टा रोड हेड से 10 रुपये प्रतिकिलो के हिसाब से खरीदा।

किसान का जो माल्टा बाजार में नहीं बिकता सी ग्रेड के उस माल्टे को 10 रुपये प्रतिकिलो के हिसाब से खेत से खरीदा गया है। 
-नरेंद्र यादव, मुख्य कार्यकारी अधिकारी उत्तराखंड औद्यानिक परिषद

माल्टे की बाजार में बहुत मांग है। किसान सीधे बाजार में इसे 40 रुपये प्रतिकिलो के हिसाब से बेच सकते हैं। महोत्सव में कुछ किसानों ने इसे सीधे बेचा, अब हम दिल्ली में भी माल्टा महोत्सव आयोजित करने जा रहे हैं। 

-गणेश जोशी, कृषि एवं उद्यान मंत्री

महोत्सव में इतना आया और बिका माल्टा
माल्टा महोत्सव में विभिन्न जिलों से 253 क्विंटल माल्टा, 29 क्विंटल गलगल, 12 क्विंटल कागजी नींबू, 4.50 क्विंटल चकोतरा लाया गया। जिसमें से 20 क्विंटल माल्टा, सात क्विंटल गलगल, 35 किलो कागजी नींबू, 16 किलो चकोतरा बिका। इसमें 28 क्विंटल फुटकर बिक्री हुई जबकि 271 क्विंटल संरक्षण इकाई को दिया गया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed