{"_id":"582e840f4f1c1b5536900f1b","slug":"malnutrition-free-children-in-one-month","type":"story","status":"publish","title_hn":"एक माह के भीतर कराएं बच्चों को कुपोषण से मुक्त","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
एक माह के भीतर कराएं बच्चों को कुपोषण से मुक्त
नलिनी गुसाईं/ अमर उजाला, देहरादून
Updated Fri, 18 Nov 2016 10:01 AM IST
विज्ञापन
malnutrition
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अब कुपोषित बच्चों को लेकर काम न करने वाले आंगनबाड़ी केंद्र निरस्त होंगे। ऐसे केंद्रों को एक महीने का अल्टीमेटम दिया गया है। यदि उन्होंने काम कर बच्चों को कुपोषण से बाहर कर दिया तो उन्हें पुरस्कृत किया जाएगा। यदि नहीं कर पाए तो ऐसे केंद्रों का चिन्हीकरण कर उन्हें निरस्त कर दिया जाएगा।
विज्ञापन
जिलेभर में कुपोषित बच्चों की संख्या तीन हजार है। हर महीने आंगनबाड़ी केंद्रों में कुपोषित बच्चों को करीब ढाई सौ रुपये की डाइट दी जाती है। इसके बावजूद बच्चे कुपोषण से बाहर नहीं आ पा रहे हैं। इसको लेकर सीडीओ वंशीधर तिवारी ने तल्ख तेवर दिखाए।
विज्ञापन
उन्होंने कहा कि इसका मतलब आंगनबाड़ी केंद्र सही तरीके से काम ही नहीं कर रहे हैं। कहा कि यदि अब एक महीने के अंदर अधिकतर बच्चों को कुपोषण से बाहर नहीं किया गया तो ऐसे केंद्रों को तुरंत निरस्त किया जाएगा और बेहतर काम करने वालों को पुरस्कृत किया जाएगा।
विज्ञापन
सीडीओ ने कहा कि जहां कुपोषित बच्चों की संख्या अधिक है, ऐसी जगहों के लिए विशेष प्रयास किए जाएंगे। किसी संस्था आदि के माध्यम से वहां प्रोटीनेक्स पाउडर आदि सामग्री भी वितरित कराई जाएगी।
वहीं, हाल ही में बादाम, सोयाबीन आदि चीजों से बना पाउडर भी अब कुपोषित बच्चों को दिया जाएगा। सीडीओ ने कहा कि जिले में 1907 आंगनबाड़ी केंद्र हैं। क्या एक केंद्र एक या दो बच्चे की जिम्मेदारी भी पूरी तरह से नहीं उठा पा रहा है। कहा कि मलिन बस्ती के बच्चों के लिए अलग से कोई व्यवस्था की जाएगी।
नहीं पहुंची सीडीपीओ, कटेगी सैलरी
बृहस्पतिवार को विकास भवन में हुई बैठक में डोईवाला की बाल विकास परियोजना अधिकारी (सीडीपीओ) नहीं पहुंची। इस पर सीडीओ ने नाराजगी जताई और कार्यक्रम अधिकारी से उनकी एक महीने की सैलरी काटने के निर्देश दिए। रायपुर की सीडीपीओ भी बैठक में देर से पहुंचीं तो उन पर भी नाराजगी जताई। कहा कि इस तरह की ढिलाई आगे से कतई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।