पतंनगर विवि में छात्रा से अभद्रता मामले में वॉर्डन का तबादला, लेकिन नहीं माना दोषी
- आधी रात को छात्रा को घर बुलाने का मैसेज करने के मामले में पंत नगर विवि प्रशासन ने वार्डन को नहीं पाया दोषी
- पत्रकार वार्ता में कुलपति ने वार्डन को बेहतर शिक्षक करार दिया, लेकिन छात्राओं के प्रति बताया मानसिक बीमार
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पंतनगर विवि में आठ दिन पहले एक छात्रा से मोबाइल फोन पर मैसेज भेजकर अभद्रता करने के मामले में विवि प्रशासन ने वार्डन डॉ. शैलेश त्रिपाठी (सह प्राध्यापक) को सेक्सुअल हेरेसमेंट का दोषी नहीं माना।
हालांकि वार्डन के शैक्षणिक कार्यों पर प्रतिबंध लगाने संबंधी पूर्व के आदेशों को जारी रखने सहित उनका तबादला ज्योतिराम कांडपाल रिवर वैली इंटीग्रेटेड एग्रीकल्चर रिसर्च एंड एक्स्टेंशन सेंटर कैहरगांव, स्याल्दे (अल्मोड़ा) कर दिया है।
बृहस्पतिवार को पत्रकार वार्ता में कुलपति ने छात्राओं के बयान के आधार पर वार्डन को बेहतर शिक्षक, लेकिन छात्राओं के प्रति आकर्षित व उनसे बात करने के लिए लालायित रहने वाला मानसिक रूप से बीमार बताया।
राज्यपाल ने कुलपति को तत्काल जांच करवाकर दोषियों को दंडित करने के निर्देश दिए थे
मालूम हो कि अमर उजाला में 14 अक्तूबर के अंक में ‘पत्नी घर पर नहीं है, खाना कौन बनाएगा, तुम आ जाओ’ शीर्षक से छपी खबर को संज्ञान में लेते हुए राज्यपाल ने कुलपति को तत्काल जांच करवाकर दोषियों को दंडित करने के निर्देश दिए थे।
कुलपति ने कार्यवाहक निदेशक प्रसार शिक्षा डॉ. अनुराधा दत्ता की अध्यक्षता में नवगठित विवि की एंटी सेक्सुअल हेरेसमेंट कमेटी को जांच सौंपी थी। कुलपति ने पत्रकार वार्ता में जांच कमेटी की रिपोर्ट व संस्तुतियों के आधार पर वार्डन के शैक्षिणक कार्य पर प्रतिबंध लगाने सहित अल्मोड़ा के लिए तबादला करने का फैसला सुनाया। वार्ता में निदेशक प्रशासन कर्मेंद्र सिंह (पीसीएस), निदेशक संचार डॉ. एसके बंसल मौजूद थे।