मलेशिया ने रोकी उत्तराखंड के युवक की फांसी
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ड्रग्स तस्करी के आरोप में मलेशिया की जेल में बंद उत्तराखंड को देहरादून जिले के निवासी संजय चौहान पुत्र टीकम सिंह मामले की दिल्ली और मलेशिया पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। इसके चलते मलेशिया कोर्ट ने फिलहाल फांसी की सजा पर रोक लगा दी है।
संजय के चाचा अर्जुन सिंह ने राजस्व क्षेत्र बरोथा में कंपनी के तीन लोगों के खिलाफ आईपीसी की धारा 120 बी, 420 के तहत जीरो एफआईआर दर्ज कराई थी। इसमें एक महिला भी शामिल है।
22 वर्षीय संजय वर्ष 2013 में नौकरी की तलाश में दिल्ली गया था। वहां उसकी मुलाकात दानिश नाम के व्यक्ति से हुई। उसने संजय की नौकरी प्रीमियम प्लाजा इंपोर्ट एक्सपोर्ट कंपनी में लगा दी। कंपनी का कारोबार मलेशिया में है।
दिल्ली पुलिस ने किया मलेशिया पुलिस से संपर्क
28-29 सितंबर को वह कंपनी के काम से कैथे पैसेफिक एयरवेज मलेशिया की फ्लाइट से मलयेशिया के लिए रवाना हुआ।
कुछ समय बाद परिजनों को पता चला कि वह मलेशिया की जेल में मादक पदार्थों की तस्करी के आरोप में बंद है। परिजनों का कहना है उनका बेटा बेकसूर है, उसे साजिशन फंसाया गया।
तहसीलदार चकराता केडी जोशी ने बताया संजय के चाचा की तहरीर पर कंपनी के सर खां, डिंडा और दानिश खां के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर नई दिल्ली एयरपोर्ट पुलिस को ट्रांसफर कर दी गई है।
पहले दिल्ली पुलिस मामला दर्ज करने से इनकार कर रही थी। दिल्ली पुलिस ने इस संबंध में मलेशिया पुलिस ने संपर्क साधा है, जिसके बाद दोनों जगह जांच शुरू होने पर फिलहाल फांसी की सजा पर रोक लगा दी गई है।