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महाशिवरात्रि पर भोले की भक्ति में डूबा दून
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
Updated Tue, 17 Feb 2015 10:59 AM IST
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महाशिवरात्रि से एक दिन पहले सोमवार मध्यरात्रि को देहरादून के शिवालय शिव भक्ति से सराबोर हो गए।
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टपकेश्वर में अभिषेक के बाद रात साढ़े बारह बजे मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। मंदिर में 11 बजे से लोगों की लाइन लगने लगी थी। महाशिवरात्रि पर मंगलवार सुबह बाबा का विशेष अभिषेक होगा।
टपकेश्वर में रात्रि अभिषेक के बाद श्रद्धालुओं ने जल चढ़ाना शुरू कर दिया था। मंदिर में सोमवार से शिवरात्रि तक 21 क्विंटल केसरयुक्त दूध का प्रसाद श्रद्धालुओं में बांटा जाएगा। स्वामी कृष्णा गिरी ने बताया कि मंदिर में विशेष यज्ञ भी होगा।
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वहीं, सनातन धर्म महासभा के शिव संकीर्तन में अध्यक्ष विश्वंभर नाथ बजाज ने कहा कि भक्ति कोई भी हो, निष्काम भाव से की जानी चाहिए।
2100 दीयों की महारंगोली
श्री पृथ्वीनाथ मंदिर में सोमवार को 2100 दीयों की महारंगोली सजाई गई। इसके जरिए उज्जैन के महाप्रभु महाकालेश्वर और मां पार्वती के दर्शन कराए गए। मध्यरात्रि में अभिषेक के बाद श्रद्धालुओं के लिए मंदिर के कपाट खोल दिए गए। रात से ही कांवड़िए जल चढ़ाने पहुंचने लगे थे।
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श्री नागेश्वर में रात भर संकीर्तन
गढ़ी-डाकरा स्थित श्री नागेश्वर मंदिर में रविवार रात दस बजे से संकीर्तन शुरू हो गया था। मौके पर महिलाओं ने शिव भजन गाए। सुबह 6 बजे तक होने वाले संकीर्तन के दौरान श्रद्धालु जलाभिषेक करते रहे।
महंत विश्वनाथ योगी ने बताया कि श्रद्धालुओं को केसरयुक्त दूध प्रसाद बांटा गया। इसके अलावा पंचायती मंदिर, प्राचीन शिव मंदिर, श्री श्याम सुंदर मंदिर में भी बाबा का अभिषेक किया गया।
पूरी हुई मनोकामना
आर्य नगर निवासी चंद्रपाल सिंह सिख होने के बावजूद भगवान शिव की पूजा करते हैं। मनोकामना पूरी होने के बाद चंद्रपाल दो वर्षों से लगातार बेटी अमरजीत कौर के साथ कांवड़ लेकर आ रहे हैं। बताया कि बीते साल बेटी ने डोईवाला से साथ दिया था। इस बार वह हरिद्वार से साथ आई थी।