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भोले की जयकारों से गूंजी देवभूमि, मंदिरों में भक्तों का सैलाब
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
Updated Mon, 07 Mar 2016 10:45 PM IST
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महाशिवरात्रि
- फोटो : amar ujala
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महाशिवरात्रि पर शहर के शिव मंदिरों में बाबा के भक्तों का सैलाब उमड़ पड़ा। रविवार आधी रात से शुरू हुआ शिव मंदिरों में जलाभिषेक, दुग्धाभिषेक का सिलसिला सोमवार आधी रात तक जारी रहा।
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इस दौरान कांवड़ियों के लिए विशेष व्यवस्था की गई थी। सोमवार और शिव योग होने से इस बार महाशिवरात्रि का महत्व बढ़ गया।
टपकेश्वर में 12 बजे मंदिर प्रबंधन की ओर से 21 किलो दूध से बाबा टपकेश्वर का रुद्राभिषेक किया गया। रात साढ़े 12 बजे श्रद्धालुओं के लिए कपाट खोल दिए गए।
श्रद्धालुओं को व्यवस्था बनाने के लिए मंदिर के भीतर बैठे दिगंबर भरत गिरी मंदिर के हर कोने पर लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज देखकर माइक से व्यवस्था संभाल रहे लोगों को दिशा-निर्देश दे रहे थे।
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महंत किशन गिरी ने बताया कि जन कल्याण के लिए विशेष रूप से अभिषेक एवं यज्ञ किया गया। बताया कि 5100 लीटर केसरयुक्त दूध प्रसाद के रूप में श्रद्धालुओं को वितरित किया गया। इसके साथ ही हलवा, पुड़ी, सब्जी का भंडारा दिनभर चलता रहा।
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भंडारे की व्यवस्था के लिए पंजाब से आए श्रद्धालु भी टपकेश्वर परिसर में ही ठहरे हुए हैं। इस मौके पर मनमोहन जायसवाल, ओशीन, रानी, गोपाल भोला, नीतू, परी आदि उपस्थित थे।
हर साल रात में ही अभिषेक:
डाकरा निवासी 55 वर्षीय सुमन गोस्वामी हर साल रात में ही भोले बाबा को जल चढ़ाती हैं। उन्होंने रविवार रात को बाबा का अभिषेक किया। बताया कि हर बार बाबा को सबसे पहले जल चढ़ाने की इच्छा रहती है। यही वजह है कि चालीस सालों से रात में ही पूजा के लिए टपकेश्वर पहुंचती हैं।
मां राज राजेश्वरी की डोली के भी दर्शन:
केदारपुर स्थित श्री सिद्धेश्वर महादेव मंदिर में इस बार टपकेश्वर पर श्रद्धालुओं ने एक ओर जहां शिवजी को जल चढ़ाया वहीं मां राज राजेश्वरी की डोली के भी दर्शन किए। इस बार शिवरात्रि पर यहां घनस्याली से मां की डोली आई थी।
सोमवार से यहां दो दिवसीय मेले की शुरुआत हुई, इसका शुभारंभ काबिना मंत्री दिनेश अग्रवाल ने किया। इस मौके पर गढ़वाली गीतों पर महिलाएं खूब झूमी।
कार्यक्रम में किशन थापा, पंडित संजय खंकरियाल, रमेश शर्मा, पंडित रामानंद व्यास, अशोक थापा, अशोक घले आदि ने सहयोग किया।