फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Maharashtra Mountaineer death on Har Ki dun Chitkul Trek

हरकीदून-छितकुल ट्रैक पर फंसे महाराष्ट्र के पर्वतारोही की मौत, 22 सदस्यों को सुरक्षित निकाला

Fri, 15 Jun 2018 10:08 PM IST
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, उत्तरकाशी
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, उत्तरकाशी Updated Fri, 15 Jun 2018 10:08 PM IST
विज्ञापन
Maharashtra Mountaineer death on Har Ki dun Chitkul Trek
Mountaineer Died - फोटो : demo pic

सांकरी-हरकीदून-बडासू-छितकुल ट्रैक पर फंसे ट्रैकिंग दल में शामिल पुणे (महाराष्ट्र) के ट्रैकर हर्षद आप्टे (35) की रास्ते में मौत हो गई, जबकि दल में शामिल दो विदेशी पर्यटकों समेत अन्य 22 लोगों को आईटीबीपी 50वीं वाहिनी के हिमवीर छितकुल तक सुरक्षित निकाल लाए हैं। इस क्षेत्र में बारिश और बर्फबारी के चलते रेस्क्यू अभियान में दिक्कतें आ रही हैं।

विज्ञापन


बता दें कि विगत नौ जून को ऋषिकेश की गो हिमालय एजेंसी के माध्यम से 23 सदस्यीय ट्रैकिंग दल सांकरी से 90 किमी लंबे हरकीदून-बडासू पास-छितकुल ट्रैक के लिए रवाना हुआ था। दल में मैक्सिको का युगल मोन्जोन पीटा और ऑविलर रोड्रिग्वेज, महाराष्ट्र के रीना वागलिंकर, स्नेहा लोखंडे, हर्षद आप्टे, पराशद नारसाले, प्रशांत कापड़े, जयेश लिमये, कौशल महाजन, मरुमय मयूरेश जोशी एवं मयूरेश जोशी तथा फरीदाबाद के संजय सेठी शामिल थे। बुधवार को बडासू पास के निकट रानीकंडा में दल के एक सदस्य हर्षद आप्टे की तबियत बिगड़ने पर तीन पोर्टरों ने छितकुल पहुंचकर आईटीबीपी से मदद की गुहार लगाई।
विज्ञापन


छितकुल में तैनात आईटीबीपी की 50वीं वाहिनी के हिमवीर बृहस्पतिवार से ही इस दल को सुरक्षित निकालने की कोशिशों में जुट गए। आईटीबीपी के इंस्पेक्टर राजेंद्र कुमार ने बताया कि डिप्टी कमांडेंट दौलत सिंह के नेतृत्व में 70 जवान रेस्क्यू अभियान में जुटे हैं। ट्रैकिंग दल में शामिल हर्षद आप्टे (35) की रास्ते में मौत हो गई। रेस्क्यू टीम ने रानीकंडा से नौ किमी पहले बेस कैंप स्थापित कर सभी ट्रैकर्स को वहां तक पहुंचाया। वहां से शुक्रवार रात तक इस दल को छितकुल पहुंचा दिया गया है। उन्होंने बताया कि इस उच्च हिमालयी क्षेत्र में बारिश और बर्फबारी के चलते रेस्क्यू अभियान में दिक्कतें आ रही हैं, लेकिन दल में शामिल शेष सभी लोग सुरक्षित हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


यह ट्रैक उत्तरकाशी के गोविंद वन्य जीव विहार क्षेत्र में पड़ता है। ट्रैकिंग दल के बारे में संबंधित रेंजर से पूरी जानकारी मांगी गई है। यदि यह दल बगैर अनुमति और अधूरी तैयारी के गया होगा तो रेंजर और संबंधित ट्रैकिंग एजेंसी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
-डा.आशीष चौहान, डीएम उत्तरकाशी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed