राम मंदिर निर्माण से पहले संतों से विचार विमर्श करे सरकार: महंत नरेंद्र गिरि
- विश्व हिंदू परिषद के अंतर्राष्ट्रीय संरक्षक दिनेश चंद्र भी श्री महंत से मिलने पहुंचे
- राम मंदिर ट्रस्ट में वैष्णव अणी अखाड़ों के महंतों को शामिल करने की मांग
विस्तार
विश्व हिंदू परिषद के अंतर्राष्ट्रीय संरक्षक दिनेश चंद्र ने श्री पंचायती अखाड़ा निरंजनी पहुंचकर अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत नरेंद्र गिरि से मुलाकात की। दोनों के बीच राम मंदिर ट्रस्ट को लेकर चर्चा हुई।
श्री महंत नरेंद्र गिरि ने ट्रस्ट में तीनों वैष्णव अणी अखाड़ों के श्रीमहंतों के साथ जगद्गुरु रामानंदाचार्य को भी शामिल करने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि केंद्र को राम मंदिर ट्रस्ट में संतों को उचित सम्मान देना चाहिए था। राम मंदिर निर्माण के लिए संतों ने बलिदान किया है। कई आंदोलनों के बाद मंदिर निर्माण की घड़ी आई।
पीएम और शाह से मिलेंगे संत
उन्होंने मंदिर निर्माण पूर्व संतों से मंदिर निर्माण की रूपरेखा पर विस्तृत विचार विमर्श किए जाने की भी बात उठाई। इस दौरान विहिप नेता नितिन गौतम और अजय शर्मा भी मौजूद रहे। श्रीमहंत नरेंद्र गिरी महाराज ने कहा कि वह जल्द ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह से कुंभ मेले को लेकर मुलाकात करेंगे।
संतों को मिलेगा ट्रस्ट में सम्मान : दिनेश
विश्व हिंदू परिषद के अंतर्राष्ट्रीय संरक्षक दिनेश चंद्र ने कहा कि सभी धर्माचार्यों और संतों को ट्रस्ट में पूरा सम्मान दिया जाएगा। यह सभी की मंशा है कि अयोध्या में भगवान श्रीराम के भव्य मंदिर का निर्माण हो।
‘स्वामी परमानंद गिरि बनें राम मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष’
अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के पदाधिकारियों ने अयोध्या में श्रीराम मंदिर निर्माण के लिए गठित किए गए ट्रस्ट में युग पुरुष स्वामी परमानंद गिरि को अध्यक्ष बनाए जाने की मांग की है। श्री पंचायती अखाड़ा निरंजनी में हुई बैठक में सोमवार को अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत नरेंद्र गिरि महाराज ने कहा कि स्वामी परमानंद गिरि ने राम मंदिर आंदोलन में अहम भूमिका निभाई थी।
उन्होंने देश के हिंदू श्रद्धालुओं की भावना के अनुरूप ही अयोध्या में रामलला के भव्य मंदिर के निर्माण की बात उठाई। मंशा देवी मंदिर ट्रस्ट अध्यक्ष श्रीमहंत रविंद्र पुरी महाराज और निरंजनी अखाड़े के सचिव श्रीमहंत रामरतन पुरी महाराज ने कहा कि स्वामी परमानंद गिरि महाराज देवभूमि उत्तराखंड से लंबे समय से जुड़े हैं। इसलिए उन्हें ट्रस्ट का अध्यक्ष बनाया जाना चाहिए।
मौके पर महंत अंबिकापुरी, स्वामी नत्थीनंद गिरि, स्वामी शंकरानंद सरस्वती, महंत गिरिजानंद सरस्वती, आचार्य मनीष जोशी, स्वामी महेश योगी, स्वामी राकेश गिरि, दिगंबर बलबीर पुरी आदि उपस्थित रहे।