हरिद्वार: गंगा किनारे धड़ल्ले से हो रहा अवैध निर्माण, आनंद गिरि का आश्रम सील करने के बाद सामने आए कई मामले
एनजीटी मानकों को धता बताकर श्यामपुर कांगड़ी में गंगा किनारे रसूखदारों ने होटल, आश्रम और सोसाइटी का निर्माण कर लिया है।
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कुंभनगरी हरिद्वार में ही नहीं उससे कई किलोमीटर दूर भी गंगा के किनारे धड़ल्ले से अवैध निर्माण किया जा रहा है। रसूखदारों ने श्यामपुर क्षेत्र में एकदम गंगा के धारा से सटाकर होटल और आश्रमों को खड़ा कर दिया है। अखाड़ा परिषद के शिष्य रहे आनंद गिरि का आश्रम सील होने के बाद यह नए मामले सामने आए हैं। ऊंची पहुंच रखने वालों के सामने जिला प्रशासन और हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण के अधिकारी नतमस्तक बने हैं। हरिद्वार में नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के आदेशों की खुलेआम अनदेखी हो रही है।
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एनजीटी मानकों को धता बताकर श्यामपुर कांगड़ी में गंगा किनारे रसूखदारों ने होटल, आश्रम और सोसाइटी का निर्माण कर लिया है। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष श्रीमहंत नरेंद्र गिरि की मौत के बाद उनके शिष्य आनंद गिरि को जिस आश्रम से गिरफ्तार किया गया था, वह भी श्यामपुर कांगड़ी गांव में गंगा किनारे ही बन रहा है। आश्रम की नीव गंगा की धारा के नजदीक खड़ी की गई थी। आश्रम को एचआरडीए के अधिकारियों ने सील कर दिया था।
अकेले आनंद गिरि का आश्रम गंगा किनारे नहीं बना है। आनंद गिरि के आश्रम के बराबर में एक अन्य आश्रम का निर्माण तेजी से हो रहा है। इस आश्रम का जो घाट बनाया गया है वह गंगा पर ही बना है। इसके साथ ही गंगा किनारे एक फिल्म अभिनेत्री के पति का होटल भी है। वहीं दूसरी तरफ एक मंत्री का आश्रम भी गंगा के किनारे बना है। यहीं नहीं गंगा के किनारे सोसाइटी भी काटी जा रही है।
सौ मीटर के दायरे में लगी किसी भी प्रकार के निर्माण पर रोक
एनजीटी ने गंगा के दो सौ मीटर और उसकी सहायक नदियों के सौ मीटर के दायरे में किसी भी प्रकार के निर्माण पर रोक लगाई हुई है। जबकि श्यामपुर, कांगड़ी व पीली गांव में गंगा के किनारे एनजीटी के कायदे कानून को ताक में रखकर धड़ल्ले से अवैध निर्माण किया जा रहा है। प्रशासन के कार्रवाई न करने से माफिया के हौसले इतने बुलंद है कि नदी किनारे खड़े हरे पेड़ों को भी ठिकाने लगाया जा रहा है।
इस समय मैं मुख्यालय पर नहीं हूं। मैं इलेक्शन की ट्रेनिंग में बाहर हूं। इस पर बस इतना ही कह सकता हूं कि पूरे मामले की जांच कराई जाएगी।
- उत्तम सिंह चौहान, सचिव एचआरडीए
एचआरडीए सचिव को आदेश दिए गए हैं कि वह इंजीनियरों से 20 दिन के अंदर रिपोर्ट लें कि उनके क्षेत्र में कोई अवैध निर्माण तो नहीं है। रिपोर्ट मिलने के बाद यदि अवैध निर्माण की बात सामने नहीं आती है तो उसका सत्यापन एसडीएम से कराया जाएगा। जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। मामले में कोई ढिलाई नहीं बरती जाएगी।
- विनय शंकर पांडे, डीएम हरिद्वार