हरिद्वार: नरेंद्र गिरि के निधन के बाद हरकत में आया एचआरडीए, फिर सील किया आनंद गिरि का आश्रम
Mahanat Narendra Giri Suicide Case: गुरु-शिष्य के बीच सुलह होने पर एचआरडीए ने चुप्पी साध ली और इसका फायदा उठाकर संत आनंद गिरि ने न केवल आश्रम का निर्माण शुरू करवा दिया था, बल्कि वहां रहने लगा।
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अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद अध्यक्ष श्रीमहंत नरेंद्र गिरि की मौत के बाद गिरफ्तार उनके शिष्य आनंद गिरि के आश्रम को हरिद्वार-रुड़की विकास प्राधिकरण (एचआरडीए) ने बुधवार को दोबारा से सील कर दिया। गुरु और शिष्य के विवाद के बाद एचआरडीए ने 13 मई को अवैध निर्माण के आरोप में आश्रम के भवन को सील किया था।
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गुरु-शिष्य के बीच सुलह होने पर एचआरडीए ने चुप्पी साध ली और इसका फायदा उठाकर संत आनंद गिरि ने न केवल आश्रम का निर्माण शुरू करवा दिया था, बल्कि वहां रहने लगा। 22 सितंबर के अंक में अमर उजाला ने इस मामले को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसके बाद जिलाधिकारी विनय शंकर पांडेय के निर्देश पर एचआरडीए के अधिकारी हरकत में आए।
संत आनंद गिरि का श्यामपुर कांगड़ी में गंगा किनारे आलीशान आश्रम बन रहा है। श्रीमहंत नरेंद्र गिरि की मौत के बाद यूपी पुलिस ने आनंद गिरि को उसके निर्माणाधीन तीन मंजिला आश्रम से ही गिरफ्तार किया था। आश्रम भवन का निर्माण अवैध तरीके से किया जा रहा है। एचआरडीए ने 13 मई को आश्रम को सील कर दिया था। लेकिन आनंद गिरी पिछले काफी समय से सील तोड़कर आश्रम में अपने सहयोगियों के साथ रह रहा था। इतना ही नहीं दोबारा से निर्माण कार्य भी शुरू करवा दिया था।
जिलाधिकारी एवं प्राधिकरण उपाध्यक्ष विनय शंकर पांडेय ने प्राधिकरण के अवर अभियंता का जवाब तलब करते हुए बुधवार को तत्काल आश्रम को सील करने के निर्देश दिए। अधिशासी अभियंता माधवानंद जोशी, जूनियर इंजीनियर त्रिपन सिंह पंवार पुलिस टीम के साथ आश्रम पहुंचे और सील कर दिया। सील तोड़ने के आरोप में आनंद गिरि को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया। जिलाधिकारी विनय शंकर पांडे ने कहा कि इस मामले में उचित वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
श्रीमहंत की मौत की उच्चस्तरीय जांच कराए सरकार
आम आदमी पार्टी ने श्रीमहंत नरेंद्र गिरि की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष ओपी मिश्रा ने कहा कि नरेंद्र गिरि की मौत की जांच होने से कई सफेदपोश और भूमाफिया का नकाब उतर सकता है।
रानीपुर मोड़ कार्यालय पर पत्रकारों से बातचीत में ओपी मिश्रा ने कहा कि श्रीमहंत की मौत अखाड़ों की अरबों रुपये की संपत्ति हड़पने से जुड़ी है। पूर्व में भी कई ऐसे संतों की हत्याएं हो चुकी हैं। अखाड़ों और मठों में आए दिन संपत्ति और गद्दी को लेकर विवाद होते रहे हैं। उन्होंने कहा कि बाघंबरी मठ की संपत्ति और भूमि को जांच के दायरे में लाया जाए। सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज की निगरानी में कमेटी से जांच कराई जाए।
महिला मोर्चा की प्रदेश उपाध्यक्ष हेमा भंडारी ने कहा कि नरेंद्र गिरि का आकस्मिक निधन हिंदू सनातनी धर्म के लिए अपूरणीय क्षति है। वह साहसी व्यक्ति थे। ऐसे व्यक्ति का आत्महत्या करना किसी के गले नहीं उतर रहा है। आरोपियों से सख्ती से पूछताछ करने पर कई बड़े नाम सामने आ सकते हैं। प्रदेश कोर कमेटी सचिव अनिल सती ने कहा कि जब धर्म और राजनीति का परस्पर विलय होगा तो भूमाफिया और सफेदपोश नेताओं के जरिए अखाड़ों ओर मठों की संपत्ति खुर्दबुर्द होती रहेगी।