हरिद्वार में अखाड़ा मंदिर हटाने पर यूपी और उत्तराखंड सरकार मिलकर निकाले स्थायी समाधान: महंत नरेंद्र गिरी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हरिद्वार में चार अखाड़ा मंदिर हटाने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत नरेन्द्र गिरि ने कहा है वे कोर्ट के फैसले का सम्मान करते हैं। उत्तराखण्ड और यूपी सरकार को मिलकर कोई ऐसी व्यवस्था करनी चाहिए, जिससे इस मुद्दे का स्थायी समाधान हो सके।
बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को हरिद्वार के सार्वजनिक स्थलों पर बने चार अखाड़ा मंदिरों को गिराने के लिए अगले वर्ष 31 मई तक का वक्त दिया है। हालांकि शीर्ष अदालत ने साफ किया कि जनवरी में होने वाले कुंभ मेले को देखते हुए यह वक्त दिया गया है।
वहीं, महंत नरेन्द्र गिरि महाराज ने कहा कि महाकुंभ का भव्य और दिव्य स्वरूप कोरोना संक्रमण के फैलाव पर निर्भर रहेगा। अगर संक्रमण ज्यादा होगा तो शाही स्नान में संत महात्मा सीमित संख्या में ही नहाएंगे। इससे पहले बैठक बुलाई जाएगी।
इस दौरान महंत गिरी महाकुंभ की तैयारियां को लेकर नाराज भी दिखे। कहा कि सड़कों का काम पूरा नहीं हुआ है। कुंभ के कार्य अधूरे पड़े हैं। ऐसे में कुंभ का सफल आयोजन करना चुनौती बना हुआ है।
कुंभ के बाद ध्वस्त हो जाएंगे ये अखाड़ा मंदिर
अखाड़ा मंदिर क्षेत्रफल वर्गमीटर में
श्री महंत राजेंद्र दास निर्मोही अखाड़ा 182.25
श्री ब्रह्मदत्त धर्मदास निर्मणी अखाड़ा 273.00
श्री रणछोड़ दास, भइयादास दिगंबर अखाड़ा 16.81
श्री अमित पुरी निरंजनदेव, निरंजनी अखाड़ा 37.44
धार्मिक स्थलों के संबंध में तथ्य
793 धार्मिक स्थल सरकारी भूमि पर अनधिकृत रूप से बने थे
788 धार्मिक स्थलों को कोर्ट के आदेश पर हटा दिया गया
05 धार्मिक स्थलों को हटाने की मुहिम सिरे नहीं चढ़ पाई
04 मंदिर हरिद्वार में हैं, जिन्हें हटाने के आदेश कोर्ट ने दिए
01 गुरुद्वारा अमृत सागर रुद्रपुर में है, जो कोर्ट में विचाराधीन है