महाकुंभ 2021: हरिद्वार समेत चार जिलों में 235 हेक्टेयर प्राइवेट भूमि अधिग्रहण करने की तैयारी
- हरिद्वार, देहरादून, पौड़ी और टिहरी जिले से होगा भूमि का अधिग्रहण
- अधिग्रहित भूमि पर दो लाख वाहनों के लिए बनाए जाएंगे 80 पार्किंग स्थल
- चार माह के लिए होने वाले अधिग्रहण में मालिकों को मिलेगा मुआवजा
विस्तार
हरिद्वार में 2021 में प्रस्तावित महाकुंभ के लिए चार जिलों की 235 हेक्टेयर प्राइवेट भूमि को अधिग्रहण करने की कार्रवाई प्रशासन ने शुरू कर दी है। इन जिलों के प्रशासन ने संबंधित भूमि के अधिग्रहण की जरूरी औपचारिकताएं पूरी कर अपने प्रस्ताव शासन को भेज दिए हैं। अधिग्रहण करने वाली इस जमीन पर 80 पार्किंग स्थल बनाए जाएंगे, जहां पर करीब दो लाख वाहन पार्क करने की योजना है।
कोरोना संक्रमण के चलते कांवड़ यात्रा तो स्थगित हो गई है, जबकि प्रस्तावित महाकुंभ पर खतरा अभी बरकरार है। वैसे मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत जूना अखाड़ा और दूसरे संतों से बात कर निर्धारित समय पर महाकुंभ कराने पर सहमति जता चुके हैं। सीएम ने कोरोना संक्रमण की स्थिति का आंकलन कर फरवरी में महाकुंभ के स्वरूप को लेकर फैसला लेने की बात भी कही है।
इसी कड़ी में कुंभ मेला प्रशासन भी अपनी तैयारियों में जुट गया है। महाकुंभ क्षेत्र में शामिल हरिद्वार, देहरादून, पौड़ी और टिहरी में वाहनों की पार्किंग के लिए प्राइवेट भूमि को अधिग्रहित करने की तैयारी शुरू हो गई है। इन जिलों में करीब 650 हेक्टेयर भूमि तो सरकारी है, जबकि 235 हेक्टेयर प्राइवेट भूमि अधिग्रहित करनी पडे़गी।
सेल्फी प्वाइंट बनाएगा एचआरडीए
महाकुंभ के मद्देनजर हरिद्वार रुड़की विकास प्राधिकरण (एचआरडीए) कई स्थानों पर सेल्फी प्वाइंट बनाएगा। साथ ही प्रमुख चौराहों और गंगनहर पर बने पुलों को विकसित किया जाएगा। एचआरडीए उपाध्यक्ष दीपक रावत ने बताया कि इसके अलावा ‘आई रिस्पेक्ट गंगा’, ‘गंगा तेरा पानी अमृत’ जैसे स्लोगन लगाकर लोगों को आकर्षित किया जाएगा।
साइकिलिंग ट्रैक बनाने की तैयारी शुरू
हरिद्वार में पहली बार साइकिलिंग ट्रैक बनेगा। इसके लिए रोड़ीबेलवाला मैदान के किनारे जगह चिह्नित कर ली गई है। मेलाधिकारी दीपक रावत ने बताया कि शहर के युवाओं की मांग पर यह निर्णय लिया गया है। उन्होंने बताया कि साइकिलिंग ट्रैक शहर में जरूर होना चाहिए।
महाकुंभ में आने वाले श्रद्धालुओं के वाहनों को पार्क करवाने केे लिए प्राइवेट भूमि पर 80 पार्किंग स्थल बनाए जाएंगे। इन जिलों के प्रशासन ने प्रस्ताव बनाकर शासन को भेज दिया है। चार माह की अवधि को होने वाले अधिग्रहण में संबंधित भूमि मालिकों को सरकार मुआवजा देगी।
- दीपक रावत, कुंभ मेलाधिकारी