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Dehradun News: मरोज पर्व का आगाज, पूरे माह तक पंचायती आंगन रहेंगे मेहमानों से गुलजार
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Iजौनसार बावर में एक माह तक चलेगा दावतों का दौर
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I-त्योहार के चलते बाजारों में दिख रही खासी भीड़I
जौनसार बावर क्षेत्र में बृहस्पतिवार से माघ मरोज पर्व का आगाज हो गया है। एक महीने तक पंचायती आंगन मेहमानों से गुलजार रहेंगे। रिश्तेदारों का आना-जाना लगा रहेगा। दावतों का दौर चलेगा। पारंपरिक वेशभूषा में पंचायती आंगन में नृत्य किया जाएगा। विवाहिता बेटी-बहन के घर बांट दिया जाएगा।
जौनसार बावर अपनी अनूठी लोक संस्कृति, रीति-रिवाज, रहन-सहन के लिए प्रसिद्ध है। यहां के लोग अलग अंदाज में त्योहार मनाने के लिए विख्यात हैं। जौनसार का मरोज पर्व काफी उत्साहपूर्वक मनाया जाता है। जौनसार बावर के 39 खतों के 358 गांव में एक माह तक धूमधाम से पर्व मनाया जाएगा। पीढ़ी दर पीढ़ी मनाए जाने वाले इस त्योहार में प्रत्येक परिवार से देवता को बकरा भेंट करने की परंपरा है। आमतौर पर मरोज पर्व 11 जनवरी को मनाया जाता है। इस वर्ष मकर संक्रांति 14 जनवरी होने के कारण कुछ गांवों में 12 जनवरी को बकरा देवता को भेंटकर माघ पर्व की शुरुआत की जाएगी।
त्योहार के चलते बाजार में खासी भीड़ देखने को मिल रही है। लोग जमकर खरीदारी कर रहे हैं। बाहर रहने वाले सभी लोग अपने मूल गांव पहुंच रहे है। स्थानीय निवासी सुरेंद्र सिंह चौहान, प्रेम सिंह तोमर, नारायण सिंह तोमर, ध्वजवीर सिंह तोमर, सरदार सिंह, चमन सिंह आदि लोगों ने बताया कि कि मरोज में गांव के सगे संबंधी को मेहमान के तौर पर गांव बुलाया जाता है।
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I-त्योहार के चलते बाजारों में दिख रही खासी भीड़I
जौनसार बावर क्षेत्र में बृहस्पतिवार से माघ मरोज पर्व का आगाज हो गया है। एक महीने तक पंचायती आंगन मेहमानों से गुलजार रहेंगे। रिश्तेदारों का आना-जाना लगा रहेगा। दावतों का दौर चलेगा। पारंपरिक वेशभूषा में पंचायती आंगन में नृत्य किया जाएगा। विवाहिता बेटी-बहन के घर बांट दिया जाएगा।
जौनसार बावर अपनी अनूठी लोक संस्कृति, रीति-रिवाज, रहन-सहन के लिए प्रसिद्ध है। यहां के लोग अलग अंदाज में त्योहार मनाने के लिए विख्यात हैं। जौनसार का मरोज पर्व काफी उत्साहपूर्वक मनाया जाता है। जौनसार बावर के 39 खतों के 358 गांव में एक माह तक धूमधाम से पर्व मनाया जाएगा। पीढ़ी दर पीढ़ी मनाए जाने वाले इस त्योहार में प्रत्येक परिवार से देवता को बकरा भेंट करने की परंपरा है। आमतौर पर मरोज पर्व 11 जनवरी को मनाया जाता है। इस वर्ष मकर संक्रांति 14 जनवरी होने के कारण कुछ गांवों में 12 जनवरी को बकरा देवता को भेंटकर माघ पर्व की शुरुआत की जाएगी।
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त्योहार के चलते बाजार में खासी भीड़ देखने को मिल रही है। लोग जमकर खरीदारी कर रहे हैं। बाहर रहने वाले सभी लोग अपने मूल गांव पहुंच रहे है। स्थानीय निवासी सुरेंद्र सिंह चौहान, प्रेम सिंह तोमर, नारायण सिंह तोमर, ध्वजवीर सिंह तोमर, सरदार सिंह, चमन सिंह आदि लोगों ने बताया कि कि मरोज में गांव के सगे संबंधी को मेहमान के तौर पर गांव बुलाया जाता है।
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