उत्तराखंड: सैंपल फेल हुआ तो मैगी पर फिर लगेगा बैन
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उत्तराखंड में मैगी की बिक्री को हरी झंडी भले ही मिल गई हो, लेकिन संकट पूरी तरह टला नहीं है। प्रदेश सरकार ने स्पष्ट किया है कि मुंबई हाईकोर्ट के निर्देशों के तहत ही मैगी की बिक्री पर से रोक हटाई गई है।
बाजार में उतरने के बाद मैगी की दोबारा सैंपलिंग होगी, जिसमें क्लीन चिट मिलने के बाद ही बिक्री जारी रखने की अनुमति मिलेगी। सैंपल लेने का काम दो तीन दिन में शुरू कर दिया जाएगा।
देशभर में मैगी के सैंपल बैन होने के बाद राज्य सरकार ने भी इसकी बिक्री पर बैन लगा दिया था। तीन जून को राज्य सरकार के बैन लगाने के बाद पांच जून को केंद्र सरकार ने भी देशभर में मैगी के उत्पादन और बिक्री पर रोक लगा दी थी।
हाईकोर्ट के आदेशों के अनुसार शुरू हुई बिक्री
30 सितंबर को राज्य सरकार के स्तर से लगाए गए बैन की अवधि भी बीत चुकी है। इस दौरान कोई नया निर्णय भी नहीं हुआ। कुछ दिन पूर्व ही केंद्र सरकार ने मुंबई हाईकोर्ट के निर्देशों का अनुपालन करने के निर्देश राज्य सरकार को दिए।
इसके बाद से प्रदेश में मैगी की बिक्री को हरी झंडी मिल गई है। खाद्य सुरक्षा आयुक्त ओमप्रकाश ने बताया कि बॉम्बे हाईकोर्ट के निर्णय के अनुसार मैगी के प्रत्येक बैच से तीन-तीन सैंपल लेकर अलग-अलग प्रयोगशालाओं में टेस्टिंग के लिए भेजे जाएंगे।
सभी सैंपल ठीक मिलने के बाद ही मैगी की बिक्री जारी रखी जाएगी। सैंपल में किसी तरह की गड़बड़ी मिलने पर दोबारा बैन भी किया जा सकता है।