{"_id":"67a8f92199ef8ba20c000ce4","slug":"machine-has-to-be-borrowed-from-other-department-for-operation-dehradun-news-c-5-1-drn1030-615562-2025-02-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Dehradun News: ऑपरेशन के लिए दूसरे विभाग से उधार मांगनी पड़ती है मशीन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Dehradun News: ऑपरेशन के लिए दूसरे विभाग से उधार मांगनी पड़ती है मशीन
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
I
IIयूरोलॉजी विभाग में सप्ताह में सिर्फ दो ही दिन हो रहे ऑपरेशन, करीब 100 मरीज कर रहे प्रतीक्षा
I
I दून अस्पताल में तकनीकी संसाधनों की कमी का खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। संसाधनों के अभाव में हर रोज होने वाले ऑपरेशनों की संख्या घट गई है। स्थिति यह है कि मरीजों को ऑपरेशन के लिए मार्च से मई माह तक की तारीखें दी गई हैं। ऐसे में सबसे अधिक परेशानी पर्वतीय क्षेत्रों से आने वाले मरीजों को हो रही है।
I
Iदून अस्पताल के यूरोलॉजी विभाग में मरीजों की संख्या अधिक होने की वजह से ऑपरेशन के लिए उन्हें मई माह तक तारीख दी गई हैं। ऐसा इसलिए हुआ है क्योंकि यूरोलॉजी विभाग की बर्थ स्टेशन मशीन सप्ताह में चार दिनों तक ऑर्थो एवं अन्य विभागों के पास रहती है। इसकी वजह से यूरोलॉजी विभाग में सप्ताह में दो दिन ही ऑपरेशन हो पाते हैं। जानकारी के मुताबिक यूरोलॉजी विभाग में इस समय करीब 100 मरीज ऑपरेशन के लिए इंतजार कर रहे हैं।
I
I
I
I-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -
विज्ञापन
I
Iसर्जरी विभाग में भी बढ़ रही मरीजों की प्रतीक्षा
I
I
I
Iजानकारी के मुताबिक दून अस्पताल में ऑपरेशन के लिए प्रतीक्षा करने वाले में सबसे अधिक मरीज सर्जरी विभाग के हैं। इस विभाग में भी मरीजों को मार्च से लेकर अप्रैल तक की तारीखें दी गई हैं।
I
I-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -
I
I
I
Iपर्वतीय क्षेत्रों से आने वाले मरीजों के लिए ठहरने का संकट
I
Iदून अस्पताल में उपचार के लिए पर्वतीय क्षेत्रों से बड़ी संख्या में मरीज आते हैं। ऐसे में जिन मरीजों को अगर कोई गंभीर रोग होता है या चिकित्सक उन्हें ऑपरेशन की सलाह देते हैं, तो इससे पूर्व मरीजों को कई जांचें करवानी पड़ती हैं। ऐसे में उन्हें काफी दिन बिताने पड़ते हैं। चूंकि अस्पताल में ठहरने के लिए कोई रैन बसेरा नहीं है, ऐसे में उन्हें खासा संकट झेलना पड़ता है।
I
I
I
I-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -
I
Iअस्पताल के ऑपरेशन थिएटर के लिए बर्थस्टेशन मशीनें मंगवाई गई हैं। इसके अलावा ओटी टेबल भी बढ़ाने की तैयारी की जा रही है। इससे हर रोज होने वाले ऑपरेशन की संख्या बढ़ेगी। जिससे मरीजों की प्रतीक्षा कम हो जाएगी। नौ बर्थ स्टेशन मशीनों के टेंडर की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।
I
I
I
I-डॉ. आरएस बिष्ट, चिकित्सा अधीक्षक, दून अस्पतालI
विज्ञापन
IIयूरोलॉजी विभाग में सप्ताह में सिर्फ दो ही दिन हो रहे ऑपरेशन, करीब 100 मरीज कर रहे प्रतीक्षा
I
I दून अस्पताल में तकनीकी संसाधनों की कमी का खामियाजा मरीजों को भुगतना पड़ रहा है। संसाधनों के अभाव में हर रोज होने वाले ऑपरेशनों की संख्या घट गई है। स्थिति यह है कि मरीजों को ऑपरेशन के लिए मार्च से मई माह तक की तारीखें दी गई हैं। ऐसे में सबसे अधिक परेशानी पर्वतीय क्षेत्रों से आने वाले मरीजों को हो रही है।
I
Iदून अस्पताल के यूरोलॉजी विभाग में मरीजों की संख्या अधिक होने की वजह से ऑपरेशन के लिए उन्हें मई माह तक तारीख दी गई हैं। ऐसा इसलिए हुआ है क्योंकि यूरोलॉजी विभाग की बर्थ स्टेशन मशीन सप्ताह में चार दिनों तक ऑर्थो एवं अन्य विभागों के पास रहती है। इसकी वजह से यूरोलॉजी विभाग में सप्ताह में दो दिन ही ऑपरेशन हो पाते हैं। जानकारी के मुताबिक यूरोलॉजी विभाग में इस समय करीब 100 मरीज ऑपरेशन के लिए इंतजार कर रहे हैं।
विज्ञापन
I
I
I
I
विज्ञापन
I
Iसर्जरी विभाग में भी बढ़ रही मरीजों की प्रतीक्षा
I
I
I
Iजानकारी के मुताबिक दून अस्पताल में ऑपरेशन के लिए प्रतीक्षा करने वाले में सबसे अधिक मरीज सर्जरी विभाग के हैं। इस विभाग में भी मरीजों को मार्च से लेकर अप्रैल तक की तारीखें दी गई हैं।
I
I
I
I
I
Iपर्वतीय क्षेत्रों से आने वाले मरीजों के लिए ठहरने का संकट
I
Iदून अस्पताल में उपचार के लिए पर्वतीय क्षेत्रों से बड़ी संख्या में मरीज आते हैं। ऐसे में जिन मरीजों को अगर कोई गंभीर रोग होता है या चिकित्सक उन्हें ऑपरेशन की सलाह देते हैं, तो इससे पूर्व मरीजों को कई जांचें करवानी पड़ती हैं। ऐसे में उन्हें काफी दिन बिताने पड़ते हैं। चूंकि अस्पताल में ठहरने के लिए कोई रैन बसेरा नहीं है, ऐसे में उन्हें खासा संकट झेलना पड़ता है।
I
I
I
I
I
Iअस्पताल के ऑपरेशन थिएटर के लिए बर्थस्टेशन मशीनें मंगवाई गई हैं। इसके अलावा ओटी टेबल भी बढ़ाने की तैयारी की जा रही है। इससे हर रोज होने वाले ऑपरेशन की संख्या बढ़ेगी। जिससे मरीजों की प्रतीक्षा कम हो जाएगी। नौ बर्थ स्टेशन मशीनों के टेंडर की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।
I
I
I
I-डॉ. आरएस बिष्ट, चिकित्सा अधीक्षक, दून अस्पतालI