Lumpy Virus: देहरादून में संक्रमित मवेशियों की संख्या दो दिन में 100 के पार, विभाग के पास नहीं हैं टीके
राहत की बात यह है कि दून में अभी तक इस बीमारी से किसी मवेशी की मौत नहीं हुई है।लगातार संक्रमण वाले क्षेत्रों में डॉक्टरों की टीम जा रही है। आमजन को जागरूक करने के साथ टीकाकरण भी किया जा रहा है।
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देहरादून जिले में लंपी वायरस के बढ़ते मामलों ने कोहराम मचा दिया है। दो दिनों में संक्रमण का आंकड़ा सौ को पार कर गया है। इसके बाद संक्रमित मवेशियों की संख्या 142 हो गई है। मामलों की रफ्तार कम करने के लिए विभाग के पास पर्याप्त टीके तक नहीं हैं। टीकों के लिए दूसरे राज्यों से संपर्क किया जा रहा है।
पशुपालन विभाग के मुताबिक वायरस तेजी से कमजोर मवेशियों में फैल रहा है। विभाग के 58 विशेष केंद्रों पर दो दिन में जो आंकड़े आए हैं। वह चौकाने वाले हैं। हालांकि, राहत की बात यह है कि दून में अभी तक इस बीमारी से किसी मवेशी की मौत नहीं हुई है।
विभाग के मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. विद्या सागर कापड़ी ने बताया कि लगातार संक्रमण वाले क्षेत्रों में डॉक्टरों की टीम जा रही है। आमजन को जागरूक करने के साथ टीकाकरण भी किया जा रहा है। लेकिन, वायरस की रफ्तार काफी तेज हो रही है। अब तक जिले में शीशमबाड़ा, विकासनगर, हरबर्टपुर, सुभाष नगर, अजबपुर, रायपुर के संक्रमित क्षेत्रों में 350 गोटपॉक्स की डोज विभाग की ओर से लगाई जा चुकी है। कहा कि अब विभाग के पास सीमित संख्या में टीके की डोज बची हुई हैं। अन्य राज्यों से लगातार टीके के लिए संपर्क किया जा रहा है। शनिवार तक पर्याप्त डोज विभाग के पास आ जाएंगी।
मवेशियों को बचाने के लिए खुद रख रहे हैं सावधानी
पटेलनगर के वार्ड संख्या 43 में डेयरी संचालक इंद्रजीत ने बताया कि उनके पास 45 मवेशी हैं। बीमारी से बचाव के लिए खुद ही सावधानी रख रहे हैं। अभी तक कोई टीका उपलब्ध नहीं कराया गया है। कहा कि डेयरी में कीटाणुओं को मारने के लिए ब्लीचिंग पाउडर और चूने के मिश्रण का छिड़काव कर रहे हैं।
लगातार डॉक्टरों से कर रहे हैं संपर्क
माजरा के डेयरी संचालक उमेश शर्मा ने बताया कि बीमारी से बचाव के लिए हम लगातार डॉक्टरों के संपर्क में हैं। जैसा उनकी ओर से बताया जा रहा है, वे सभी उपाय हमारी ओर से किए जा रहे हैं। मवेशी को बुखार होने पर पैरासिटामॉल दे रहे हैं।
विभाग लगा रहा गोटपॉक्स टीका
पशुपालन विभाग के अस्पतालों में गोटपॉक्स टीका उपलब्ध कराया जा रहा है। बीमारी से बचाव के लिए कोई विशेष टीका नहीं बना है। इसमें बकरियों में लगाया जाने वाला गोटपॉक्स टीका असरदार साबित हो रहा है। इसकी वजह से विभाग इसी टीके को लगा रहा है।
वायरस एलएसडीवी से फैल रही बीमारी
पशु चिकित्साधिकारियों के अनुसार लंपी बीमारी एलएसडीवी वायरस के जरिये फैल रही है। पशु चिकित्सा अधिकारियों के मुताबिक लंपी वायरस तीन प्रकार का होता है जिसमें कैप्रीपॉक्स, गोटपॉक्स और शीपफॉक्स शामिल हैं।