1 जनवरी से एडवांस मिलेगी गैस सब्सिडी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सब्सिडी की राशि सीधे उपभोक्ता को मुहैया कराने की योजना ‘डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर स्कीम’ से जुड़ने के वक्त घरेलू रसोई गैस उपभोक्ता के खाते में अग्रिम सब्सिडी के रूप में 568 रुपए जमा करवाए जाएंगे, जिसकी सहायता से वे बाजार भाव से रसोई गैस सिलेंडर खरीद सकेंगे।
इस योजना का नाम बदलकर ‘पहल’ रखा गया है। वर्तमान में रियायती रसोई गैस सिलेंडर की कीमत 417 रुपए है, जबकि इसका बाजार भाव 752 रुपए है।
यूपीए सरकार ने जून 2013 में इस महत्वाकांक्षी योजना की शुरुआत की थी, लेकिन उसे वर्ष 2014 में बंद कर दिया गया। पूर्व सरकार ने सब्सिडी का लाभ लेने के लिए आधार नंबर को अनिवार्य बनाया था, लेकिन नई सरकार ने आधार की अनिवार्यता खत्म कर दी है।
बाजार भाव पर ही मिलेगा सिलेंडर
एक आदेश में कहा गया है कि जो उपभोक्ता इस योजना से जुड़ना चाहते हैं उन्हें या तो अपने आधार नंबर को बैंक खाते और रसोई गैस उपभोक्ता नंबर से या फिर सीधे बैंक खाते को 17 अंकों वाले रसोई गैस उपभोक्ता आईडी से जोड़ना होगा।
पहल यानी ‘प्रत्यक्ष हस्तांतरित लाभ’ योजना को 15 नवंबर से देश के 54 जिलों में शुरू किया गया है और एक जनवरी से यह उत्तराखंड समेत पूरे देश में लागू हो जाएगी।
योजना से जुड़ चुके उपभोक्ताओं को एक जनवरी 2015 से बाजार भाव पर ही सिलेंडर खरीदना होगा। इंडियन ऑयल कारपोरेशन (आईओसी) के अनुसार उत्तराखंड में 20.5 लाख एलपीजी उपभोक्ता हैं, जिसमें से 30 फीसदी उपभोक्ताओं के खाते में एडवांस सब्सिडी जमा की जाएगी।
डीबीटीएल के लिए छह माह का समय
नए साल में एक परिवर्तन आपकी रसोई के संबंध में होने जा रहा है। पहली जनवरी से गैस सिलेंडर पर मिलने वाली रियायत (सब्सिडी) आपके बैंक खाते में जाएगी। हालांकि, कागजी औपचारिकता पूरी करने के लिए पहले एक मार्च तक का समय मिलेगा। इसके बाद 30 जून तक का अतिरिक्त समय दिया जाएगा।
इसके बाद भी यदि डीबीटीएल योजना से नहीं जुड़े तो एक जुलाई से रियायत से हाथ धोना पड़ सकता है। 30 जून तक बैंक खाते से जोड़ने वाला फार्म जमा नहीं करने वाले उपभोक्ताओं की मार्च से जून माह तक की सब्सिडी भी नहीं मिलेगी। जुलाई माह में फार्म जमा करने पर उसी महीने से सब्सिडी का लाभ उपभोक्ताओं को मिल सकेगा।
बैंक खाते में सब्सिडी राशि पाने की डायरेक्ट बेनीफिट ऑफ ट्रांसफर ऑन एलपीजी (डीबीटीएल) योजना बृहस्पतिवार से प्रदेश में लागू हो जाएगी। प्रदेश में अभी तक करीब 33 फीसदी उपभोक्ताओं के फार्म जमा हो सके हैं।
फार्म जमा नहीं कर सके उपभोक्ताओं को मार्च माह तक सब्सिडी मूल्य पर गैस सिलेंडर मिलेंगे। वहीं, योजना से जुड़ चुके उपभोक्ताओं को बाजार मूल्य पर सिलेंडर खरीदना पड़ेगा और उनकी सब्सिडी बैंक खाते में जाएगी।
तेल कंपनियों ने 30 जून तक का समय उपभोक्ताओं को फार्म भरने के लिए दिया है। इस दौरान उपभोक्ताओं को बाजार मूल्य में घरेलू गैस सिलेंडर खरीदना पडे़गा और सब्सिडी राशि जमा कर ली जाएगी। 30 जून तक डीबीटीएल योजना से नहीं जुड़ने पर उपभोक्ता की सब्सिडी राशि लैप्स हो जाएगी।
वहीं 1 जुलाई से योजना से नहीं जुड़ने वाले उपभोक्ताओं को सब्सिडी का लाभ नहीं मिलेगा। तेल कंपनी की गाइड लाईन के अनुसार सब्सिडी राशि सिर्फ बैंक खाते में ही डाली जाएगी, इसलिए फार्म जमा नहीं करने वाले उपभोक्ता इससे वंचित रह जाएंगे। जबकि जुलाई में फार्म भरने वाले उपभोक्ताओं को उस महीने के मूल्य के आधार पर सब्सिडी राशि मिलेगी।