प्यार में आड़े आ रहा था प्रेमिका का पिता तो प्रेमी ने दे डाली लाखों रुपए की सुपारी, अब पीट रहा माथा
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प्रेम प्रसंग में आड़े आने पर एक आर्किटेक्ट ने तीन लोगों को प्रेमिका के पिता की हत्या की सुपारी दे दी। सूचना पर पुलिस ने दबिश देकर हत्या की साजिश रच रहे दो बदमाशों समेत सुपारी देने वाले युवक को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के कब्जे से तीन तमंचे, छह कारतूस और 1.66 लाख की नकदी बरामद की है। एक आरोपी पुलिस को गच्चा देकर फरार हो गया, जिसकी तलाश की जा रही है।
जसपुर के ग्राम आसपुर निवासी लवकुश चौहान उर्फ लकी भवनों के मानचित्र बनाता है। लवकुश का गांव की एक छात्रा से प्रेम प्रसंग चल रहा है। छात्रा के पिता एक आढ़ती के मुंशी हैं। दोनों के अलग-अलग जाति के होने के कारण छात्रा का पिता इस रिश्ते के खिलाफ था। लवकुश की इस संबंध में छात्रा के पिता से दो बार कहासुनी भी हो चुकी है। प्रेम संबंधों में आड़े आने पर लवकुश ने प्रेमिका के पिता की हत्या कराने का प्रपंच रच दिया।
उसने अपने परिचित महेशपुरा निवासी मोअज्जम के माध्यम से शूटरों की व्यवस्था की। लवकुश ने तीन माह पूर्व दो लाख रुपये में महेशपुरा निवासी यूनुस और अल्ली खां निवासी जलीस को उक्त व्यक्ति की हत्या की सुपारी देते हुए 70 हजार रुपये एडवांस दे दिए। शेष रकम वारदात को अंजाम देने के बाद देने की बात तय हुई थी। रविवार की शाम मुखबिर ने कोतवाल चंचल शर्मा को छात्रा के पिता की सुपारी दिए जाने के बारे में जानकारी दी।
हत्या के मुकदमों में जेल जा चुके हैं दोनों आरोपी
सूचना के आधार पर पुलिस ने कलश मंडप के पास दबिश देकर यूनुस और जलीस के साथ ही सुपारी देने वाले लवकुश को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उनके कब्जे से तीन तमंचे, छह कारतूस और 16 हजार की नकदी बरामद कर ली। एएसपी डॉ. जगदीश चंद्र ने बताया कि सुपारी की शेष रकम चुकता करने के लिए लवकुश ने अपनी मां के खाते से 1.50 लाख रुपये निकाले थे। पुलिस ने उसके घर से उक्त रकम भी बरामद कर ली है।
फरार मोअज्जम की तलाश की जा रही है। सभी पर संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया गया है। सीओ राजेश भट्ट ने मामले में एसटीएफ टीम का विशेष योगदान रहा। टीम में कोतवाल चंचल शर्मा, एसएसआई राजेश यादव, बीएस बिष्ट, दिनेश फर्त्याल, पीडी जोशी, कांस्टेबिल कुलदीप, देवेंद्र नेगी, सतीश भट्ट, मनोज कोहली, दीवान सिंह आदि थे।
मुंशी की हत्या की सुपारी लेने वाले दोनों बदमाश यूनुस और जलीस पूर्व में हत्या के आरोप में जेल जा चुके हैं। महेशपुरा निवासी यूनुस वर्ष 2012 में महेशपुरा निवासी जगीरा हत्याकांड में गिरफ्तार हुआ था। इससे पहले वह वर्ष 2001 में ग्राम बाबरखेड़ा में हुई हत्या की वारदात में भी जेल जा चुका है। दूसरा आरोपी मोहल्ला अल्ली खां निवासी जलीस 11 अप्रैल 2017 को कर्बला मैदान में हुई सलाहउद्दीन की हत्या के आरोप में जेल जा चुका है। उसने जुनैद के साथ मिलकर सलाहउद्दीन की हत्या की थी।