चतुर्थ केदार भगवान रुद्रनाथ के कपाट शीतकाल के लिए बंद, सात माह तक अब यहां होगी पूजा
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पंचकेदारों में चतुर्थ केदार भगवान रुद्रनाथ के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए हैं। इसके बाद भगवान रुद्रनाथ मंगलवार को देर शाम गोपेश्वर के प्राचीन गोपीनाथ मंदिर में विराजमान हो गए हैं। अब सात माह तक रुद्रनाथ जी के दर्शन गोपीनाथ मंदिर में होंगे।
मंगलवार सुबह छह बजे विशेष पूजा के बाद रुद्रनाथ मंदिर के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए। इसके बाद पुजारी जनार्दन प्रसाद तिवाड़ी व करीब 200 श्रद्धालुओं ने गोपीनाथ मंदिर के लिए प्रस्थान किया।
अपराह्न साढ़े तीन बजे 18 किलोमीटर की पैदल दूरी तय करने के बाद रुद्रनाथ की उत्सव डोली सगर गांव पहुंची। यहां ग्रामीणों ने रुद्रनाथ भगवान का फूल-मालाओं से स्वागत किया। सत्येंद्र रावत ने बताया कि ग्रामीणों ने रुद्रनाथ को नए अनाज का भोग लगाया।
इसके बाद डोली ग्वाड़, सगर और गंगोलगांव होते हुई गोपेश्वर पहुंची। रुद्रनाथ के स्वागत के लिए गोपीनाथ मंदिर परिसर में कई भक्त जुटे हुए थे। गोपेश्वर गांव की महिलाओं और तीर्थयात्रियों ने भी डोली का फूल-मालाओं से स्वागत किया।
शाम छह बजे रुद्रनाथ भगवान गोपीनाथ मंदिर में विराजमान हो गए। इस मौके पर पंडित प्रयाग दत्त भट्ट, अनसूया प्रसाद भट्ट, हरीश भट्ट, कांति भट्ट, नवीन भट्ट, वंशीधर भट्ट, शांति प्रसाद, सत्येंद्र रावत, अवतार सिंह, ओम प्रकाश नेगी, कैलाश तिवाड़ी और सुनील चौहान आदि मौजूद थे।