NH 74 Scam: आरोपी डीपी सिंह के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी करने की तैयारी
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एनएच 74 भूमि मुआवजा घोटाले के आरोपी पूर्व एसएलओ डीपी सिंह की गिरफ्तारी के लिए एसआईटी ने पूरी ताकत झोंक दी है। डीपी के संभावित जगहों पर चार टीमें दबिश दे रही हैं।
मंगलवार को एसआईटी सुप्रीम कोर्ट मेंकेविएट दाखिल करेगी। इसके लिए एसआईटी दिल्ली पहुंच चुकी है। गिरफ्त में न आने पर पुलिस डीपी के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी करने तैयारी कर रही है।
एनएच 74 भूमि मुआवजा घोटाले में आरोपी बनाए गए पूर्व एसएलओ डीपी सिंह ने गिरफ्तारी के डर से डीपी ने हाइकोर्ट की शरण लेकर स्टे ले लिया था। शनिवार को हाइकोर्ट ने डीपी सिंह का स्टे खारिज कर दिया तो गिरफ्तारी से बचने को डीपी परिवार सहित गायब हो गया।
पुलिस ने उसकी गिरफ्तारी के लिए पैतृक घर सीतापुर सहित विभिन्न जगहों पर दबिशें दी, लेकिन घरों में केवल ताले ही मिले। डीपी सिंह कहीं गिरफ्तारी से बचने के लिए विदेश न चले जाए, इसको लेकर भी पुलिस सतर्क है।
पुलिस डीपी के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी करने की तैयारी कर रही है। वहीं दिल्ली पहुंचे चुके एसआईटी के जांच अधिकारी स्वतंत्र सिंह मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में केविएट भी दाखिल करेंगे। अनुमान लगाया जा रहा है कि डीपी दिल्ली में हो सकता है। फिलहाल पुलिस की टीम दिल्ली में भी डीपी की गिरफ्तारी के लिए डेरा जमाए है।
जांच में सभी हस्ताक्षर फर्जी पाए गए
जांच में सभी हस्ताक्षर फर्जी पाए गए
भूमि उपयोग बदलने की प्रक्रिया के दौरान किए गए हस्ताक्षरों में मिली भिन्नता की जांच के लिए देहरादून लैब भेजे गए जसपुर, काशीपुर तहसील के 15 रजिस्टर भी जांच के बाद एसआईटी को वापस मिल गए हैं। बताया जा रहा है कि एसआइटी द्वारा चिह्नित लगभग सभी हस्ताक्षर लैब की जांच रिपोर्ट में भी फर्जी पाए गए हैं।
स्टे की अपील करने वाले दो एसडीएम को कोर्ट ने तलब किया
एनएच 74 भूमि मुआवजा घोटाले की जांच परत दर परत खुलने के बाद जहां डीपी सिंह ने हाइकोर्ट से अपनी गिरफ्तारी पर रोक लगाने के लिए स्टे लिया था। वहीं इसके बाद तत्कालीन एसडीएम केदार सिंह फोनिया, नंदन सिंह नगन्याल ने भी कोर्ट में स्टे के लिए याचिका दायर की थी, लेकिन एसआईटी द्वारा दाखिल शपथ पत्र के बाद कोर्ट ने उन्हें तत्काल स्टे देने की बजाय तीन नवंबर को कोर्ट में तलब किया है। कोर्ट में दोनों एसडीएम के अलावा एसआईटी भी अपना पक्ष रखेगी।
किसान और तहसील कर्मी भी चिह्नित
एनएच 74 भूमि मुआवजा घोटाले की जांच में घोटाला करने वालों के खिलाफ कई महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाने के बाद जहां एसआईटी डीपी सिंह को आरोपी बनाकर उसकी धरपकड़ के लिए दबिश दे रही है। वहीं घोटाले में शामिल जसपुर, काशीपुर तहसील के अफसरों, किसानों को भी एसआईटी ने चिह्नित कर लिया है। माना जा रहा है कि डीपी की गिरफ्तारी के बाद एसआईटी चिह्नित किए गए लोगों की गिरफ्तारी भी शुरू कर देगी।
पूर्व एसएलओ डीपी सिंह की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें कई स्थानों पर दबिश दे रही है। सुप्रीम कोर्ट में केविएट दाखिल करने के साथ ही कई अन्य कार्रवाई भी की जाएंगी। लुकआउट सर्कुलर भी जारी किया जाएगा। जिसके चलते डीपी सिंह विदेश नहीं जा पाएगा।
- डॉ. सदानंद दाते, एसएसपी, ऊधमसिंह नगर।