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Uttarakhand: कलश यात्रा में शामिल हुए लोकसभा अध्यक्ष, बोले- ज्योति से ज्योति को जलाकर देश-दुनिया को जगमगाना है
Sat, 07 Sep 2024 06:18 PM IST
श्याम जी.
अमर उजाला नेटवर्क, देहरादून
अमर उजाला नेटवर्क, देहरादून
Published by: श्याम जी.
Updated Sat, 07 Sep 2024 06:18 PM IST
सार
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला शनिवार को देव संस्कृति विश्वविद्यालय पहुंचे। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला विश्वविद्यालय की ज्योति कलश यात्रा सम्मेलन में शिरकत की।
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देव संस्कृति विश्वविद्यालय पहुंचे लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला शनिवार को देव संस्कृति विश्वविद्यालय पहुंचे। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला विश्वविद्यालय की ज्योति कलश यात्रा सम्मेलन में शिरकत की। लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि ज्योति कलश यात्रा के माध्यम से जो जन जागरण का कार्य होने जा रहा है, यह निश्चित ही एक बहुत बड़ा कार्य है। अपने मन में एक संकल्प हो कि ज्योति से ज्योति का जलाना है, देश और दुनिया को जगमगाना है।
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तीन दिवसीय इस में सम्मेलन राजस्थान, पश्चिम बंगाल, असम, अरुणाचल आदि प्रांतों से 1200 से अधिक गायत्री परिवार के साधक प्रतिभाग कर रहे हैं। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि आज पूरी दुनिया जलवायु परिवर्तन के भीषण दौर से गुजर रही है। जिस एक वजह हवन यज्ञ न होना है। हवन यज्ञ से जलवायु शुद्ध होती है। जिस परंपरा को हम छोड़ चुके हैं उसे गायत्री परिवार फिर से आगे लाने का काम कर रही है। गायत्री परिवार कई दशकों से व्यसन मुक्त भारत, पर्यावरण संरक्षण, कुरीति उन्मूलन और राष्ट्र सेवा जैसे विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से समाज में जागरूकता लाने का कार्य कर रहा है।
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ज्योति कलश यात्रा की रूपरेखा की जानकारी देते हुए प्रतिकुलपति डॉ. चिन्मय पण्ड्या ने कहा कि कलश भारतीय संस्कृति का केंद्र बिंदु है। गायत्री परिवार के संस्थापक श्रीराम शर्मा आचार्य द्वारा चलाई गई ज्योति का अंश लेकर यह ज्योति कलश यात्रा जहां जायेगी, वहां लोगों को भारतीय संस्कृति से ओत-प्रोत कर उनकी चेतना को प्रखर बनाने का कार्य करेगी। ज्योति कलश यात्रा का उदेश्य मनुष्य की भावनात्मक रूप से नवनिर्माण करना है। इस ज्योति से ऐसे प्रकाशवान व्यक्तित्व निखरकर सामने आएंगे जो समाज एवं दुनिया में फैले अंधकार को दूर करने में सक्षम होंगे।
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कार्यक्रम में देव संस्कृति इंट्रडिसीप्लिनरी इंटरनेशनल जनरल, गायत्री महाविज्ञान बंगला संस्करण एवं ज्योति कलश प्रज्ञा गीतों तथा डॉक्यूमेंट्री का विमोचन किया गया। लोकसभा अध्यक्ष व कुलपति व प्रतिकुलपति ने राजस्थान, पश्चिम बंगाल, असम व अरुणाचल प्रदेशसे आए गायत्री साधकों को ज्योति कलश सौंपे।