फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Lok Sabha Elections 2019 Chief Leaders join congress in Rahul Gandhi rally

लोकसभा चुनाव 2019: आज राहुल गांधी की रैली में 17 प्रमुख नेता थामेंगे कांग्रेस का हाथ

Sat, 16 Mar 2019 09:20 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Sat, 16 Mar 2019 09:20 AM IST
विज्ञापन
Lok Sabha Elections 2019 Chief Leaders join congress in Rahul Gandhi rally
नरेंद्र मोदी और राहुल गांधी - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो

राहुल गांधी की रैली में विभिन्न दलों और संगठनों के 17 प्रमुख नेता कांग्रेस का हाथ थाम सकते हैं। भाजपा के कद्दावर नेता बीसी खंडूड़ी के पुत्र मनीष खंडूड़ी का कांग्रेस की सदस्यता लेना तय माना जा रहा है। हालांकि इस मामले में भाजपा नेताओं की सक्रियता पर भी कांग्रेस की नजर है। खंडूड़ी के अलावा जिन लोगों का आज राहुल गांधी के सामने सदस्यता लेना प्रस्तावित किया है, उनमें बसपा के पूर्व अध्यक्ष सतीश कुमार, टिहरी की नगर पालिका अध्यक्ष सीमा कृषाली प्रमुख रूप से शामिल बताए जा रहे हैं।

विज्ञापन


राहुल गांधी की रैली में तमाम लोगों को पार्टी से जोड़कर उत्तराखंड कांग्रेस अपनी मजबूती का संदेश केंद्रीय अध्यक्ष के सामने देना चाहती है। यही कारण है कि राहुल की रैली तय हो जाने के बाद कई नेताओं की पार्टी में ज्वाइनिंग करा ली है। नेता प्रतिपक्ष डॉ. इंदिरा हृदयेश ने कुछ दिन पहले राहुल की रैली में भाजपा के एक बडे़ नेता की ज्वाइनिंग की बात कहकर हलचल मचा दी थी।

विज्ञापन

पांच साल में क्या कुछ बदला, तोलेंगे राहुल गांधी

पांच साल पहले कांग्रेस राज में राहुल गांधी जब परेड ग्राउंड आए थे, तब से लेकर अब तक उत्तराखंड से लेकर दिल्ली तक में काफी कुछ बदल गया है। 2016 में सत्ता संग्राम के बाद उत्तराखंड में कांग्रेस ने जो झेला है, उसे पार्टी ने बहुत करीब से महसूस किया है।

शनिवार को जब परेड ग्राउंड में परिवर्तन रैली में राहुल गांधी बोल रहे होंगे, तो साथ ही साथ वह ये तोलने की कोशिश भी कर रहे होंगे कि सत्ता संग्राम के बाद पार्टी संभल पाने में कितना कामयाब हो पाई है। तब के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राहुल गांधी अब पार्टी के अध्यक्ष हैं। उनका आंकलन आने वाले दिनों में उत्तराखंड कांग्रेस के लिए नई दिशा भी तय करेगा।

2014 में राहुल गांधी ने परेड ग्राउंड से किया था संबोधित

2014 में राहुल गांधी ने परेड ग्राउंड में कांग्रेस की चुनावी रैली को संबोधित किया था। तब दिल्ली में भी कांग्रेस राज था और उत्तराखंड में भी। मोदी मैजिक में सब कुछ इस कदर ढह जाएगा, ये उम्मीद किसी को नहीं थी। 2014 में भाजपा को लोकसभा चुनाव में प्रचंड बहुमत मिला। 2017 में उत्तराखंड विधानसभा चुनाव में भी भाजपा बेमिसाल प्रदर्शन कर गई।

कांग्रेस के हिस्से ऐसा शर्मसार करने वाला प्रदर्शन आया, जिसमें वह न सिर्फ 11 सीटों पर सिमट गई, बल्कि उसके उत्तराखंड में सबसे बडे़ नेता तत्कालीन सीएम हरीश रावत दो-दो सीटों से चुनाव हार गए। कांग्रेस ने उसके बाद दो वर्षों में उबरने के लिए काफी हाथ पांव मारे हैं। उसे कुछ कामयाबी मिली भी है, लेकिन पार्टी जिस स्थिति में थी, वहां तक पहुंचने से अभी दूर खड़ी है।

विज्ञापन

तमाम चीजों की समीक्षा करेंगे राहुल

इन स्थितियों के बीच शनिवार को राहुल गांधी दून में जहां 2014 की अपनी रैली को याद करते हुए तमाम चीजों की समीक्षा कर रहे होंगे। वहीं उत्तराखंड कांग्रेस के नेताओं की चिंता दूसरी तरह की होगी। यह चिंता 2017 में इसी परेड ग्राउंड में बेहद शानदार रही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुनावी सभा से जुड़ी है। उस वक्त मोदी की रैली में 80 हजार से ज्यादा लोगों के जुटने का दावा किया गया था।

परेड ग्राउंड की क्षमता 45 हजार लोगों की बताई जाती है। मोदी की तब की रैली में सड़कों और आस-पास के इलाकों में जमा लोगों को भी जोड़ा गया था। इस हिसाब से राहुल गांधी को सुनने कितने लोग आते हैं, इसका पूरा पूरा ब्यौरा कांग्रेस जुटाना चाहेगी। इस बात को ध्यान में रखते हुए कांग्रेस ने अपने नेताओं और कार्यकर्ताओं को करो या मरो का मंत्र दिया है।

प्रीतम सिंह का होगा सबसे बड़ा इम्तिहान

राहुल गांधी की चुनावी रैली को लेकर सबसे बड़ा इम्तिहान कांग्रेस अध्यक्ष प्रीतम सिंह का होगा। डेढ़ साल पहले ही प्रीतम सिंह के हाथ में उत्तराखंड कांग्रेस की कमान आई है। उसके बाद, थराली उपचुनाव और नगर निकाय चुनाव जैसी चुनौती प्रीतम सिंह ने झेली है, लेकिन लोकसभा चुनाव की सबसे बड़ी चुनौती से अब वह दो-चार हैं।

राहुल गांधी की रैली यदि सफल रहती है तो जाहिर तौर पर लोकसभा चुनाव के लिए पार्टी को एक शानदार स्टार्ट मिलेगा। जिसकी उसे बहुत जरूरत दिखती है। कहने के लिए राष्ट्रीय महासचिव हरीश रावत, प्रदेश प्रभारी अनुग्रह नारायण सिंह, सह प्रभारी राजेश धर्माणी और नेता प्रतिपक्ष डॉ. इंदिरा हृदयेश की भी राहुल की रैली से परीक्षा होनी है, लेकिन सबसे बड़ा इम्तिहान तो प्रीतम सिंह का ही माना जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed