इस बार नेताजी को होगा हजारों वोट का नुकसान!
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ऐसे में काफी लोगों को मतदान से वंचित रहना पड़ सकता है। इस बीच बहुत से लोग अभी भी फार्म जमा कराने के लिए घूम रहे हैं। वहीं, जिला निर्वाचन कार्यालय में बड़ी संख्या में फार्म की डाटा एंट्री नहीं हो सकी है।
बीएलओ ने सत्यापन ही नहीं किया
वोटर बनने के लिए फार्म-6 भरने वाले बहुत लोगों का बीएलओ ने सत्यापन ही नहीं किया था। इस वजह से फार्म रिजेक्ट हो गए।
इन लोगों ने निर्वाचन आयोग के विशेष अभियान के दौरान दोबारा फार्म भरे। इसके अलावा बहुत लोगों ने ड्रॉप बॉक्स में फार्म डाले थे, जिनका सत्यापन अब तक नहीं हुआ।
31 मार्च तक होनी है डाटा एंट्री
अंदेशा है कि वक्त रहते तहसील ने फार्म नहीं भेजे, तो ये लोग भी वोटिंग नहीं कर पाएंगे।
जिला निर्वाचन कार्यालय और ड्रॉप बॉक्स में डाले गए फार्मों की अभी तहसीलों में छंटनी हो रही है। अफसरों के मुताबिक डाटा एंट्री 31 मार्च तक ही होनी है।
तहसीलवालों का कहना है कि फार्म सत्यापन में एक हफ्ता लग जाता है। ऐसे में इन फार्मों की डाटा एंट्री नहीं हो पाएगी। अधिकारियों का कहना है कि जिला निर्वाचन कार्यालय डाटा एंट्री के लिए और आपरेटर लगाए, तभी कुछ हो सकता है।