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Election 2024: उत्तराखंड की टिहरी सीट...भाजपा और कांग्रेस भेद नहीं पाए एक दूसरे का दुर्ग

Sat, 13 Apr 2024 07:43 PM IST
अलका त्यागी भूपेंद्र राणा, अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
भूपेंद्र राणा, अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Sat, 13 Apr 2024 07:43 PM IST
सार

Lok Sabha Election 2024 Uttarakhand: कैंट विधानसभा सीट पर भाजपा और चकराता सीट पर कांग्रेस का वर्चस्व रहा है। कैंट सीट पर 33 साल से कांग्रेस के लिए जीत एक सपना है।

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Lok Sabha Election 2024 Uttarakhand Tehri seat BJP and Congress could not break each other fort
टिहरी गढ़वाल लोकसभा सीट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

टिहरी संसदीय क्षेत्र में चकराता और देहरादून कैंट ऐसी विधानसभा सीटें हैं, जहां पर भाजपा व कांग्रेस एक-दूसरे के दुर्ग को भेद नहीं पाए हैं। चकराता में कांग्रेस तो देहरादून कैंट विधानसभा क्षेत्र में भाजपा का दबदबा कायम है। विधानसभा हो या लोकसभा चुनाव में ये दुर्ग अभेद रहे हैं। चकराता से भाजपा और देहरादून कैंट से कांग्रेस ने हर चुनाव में दिग्गजों पर दांव लगाया, लेकिन एक-दूसरे के दुर्ग में सेंध लगाने में कामयाब नहीं रहे। टिहरी सीट में चकराता और कैंट विधानसभा सबसे हॉट सीट मानी जाती है। कैंट विधानसभा सीट पर भाजपा और चकराता सीट पर कांग्रेस का वर्चस्व रहा है। कैंट सीट पर 33 साल से कांग्रेस के लिए जीत एक सपना है।

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कांग्रेस ने तमाम बड़े नेता मैदान में उतारे, लेकिन कोई भी हरबंस कपूर को नहीं हरा पाया। 1985 में कपूर पहला चुनाव हार गए थे, लेकिन 1989 में कांग्रेस के हीरा सिंह बिष्ट, 1991 में विनोद, 1993 और 1996 में दिनेश अग्रवाल, 2002 में संजय शर्मा, 2007 में लालचंद शर्मा, 2012 में देवेंद्र सिंह सेठी और 2017 में सूर्यकांत धस्माना को हराकर कपूर ने आठ बार चुनाव जीतने का रिकॉर्ड बनाया था।
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हरबंस कपूर के निधन के बाद 2022 के चुनाव में उनकी पत्नी सबिता कपूर को भाजपा ने चुनाव मैदान में उतारा और जीत हासिल की। देहरादून जिले की चकराता विधानसभा सीट ब्रिटिशकालीन शहर होने के साथ ही मशहूर पर्यटन स्थली भी है। चकराता अपने प्रकृतिक सौंदर्य के साथ ही नृत्य काला, अपने पर्व और अनूठी संस्कृति के लिए भी देश-दुनिया में अलग पहचान रखता है। इस स्नीट पर कांग्रेस का दबदबा रहा है। 2002 के विधानसभा चुनाव में इस सीट से कांग्रेस के प्रीतम सिंह विधायक बने। 2002 से अब तक लगातार प्रौतम सिंह ही यहां के विधायक हैं। प्रीतम सिंह ने 2007, 2012 और 2017 और 2022 विधानसभा चुनाव में भी अपने प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवारों को चुनावी रणभूमि में पटखनी दी। कांग्रेस का ये मजबूत किला भाजपा कभी भेद नहीं पाई।

दोनों सीटों पर 2022 विस चुनाव का जनादेश
चकराता विधानसभा सीट से 2022 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की ओर से प्रीतम सिंह तम्मीदवार थे। कांग्रेस के प्रीतम सिंह के सामने भाजपा ने रामशरण नौटियाल को उम्मीदवार बनाया। प्रतिय सिंह ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी भाजपा के रामशरण नौटियाल को 9,436 वोट के अंतर से हराया। प्रीतम सिंह 2022 की चुनावों बाजी जीतकर पांचवीं बार विधायक हैं। दोहरादून कैंट बिस सीट से आठ बार के विधायक रहे हरबंस कपूर कर निधन 13 दिसंबर 2021 हो गया था। 2022 के चुनाव में यहां से उनकी पत्नी सविता कपूर ने भाजपा से चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। उन्होंने अपने प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस के सूर्यकांत धस्माना को 20,938 मतों से पराजित कर पहली बार विधायक बनीं।

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