BJP Lok Sabha Candidate: कभी बेची चाय और सब्जी...सीएम बनते-बनते रह गए, अजय भट्ट को मिला परिश्रम का इनाम
क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं को लेकर वे न केवल लोकसभा में मुखर रहे बल्कि प्रधानमंत्री से मुलाकात कर व्यक्तिगत स्तर पर भी इनके लिए प्रयासरत रहे।
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नैनीताल उधमसिंह नगर लोकसभा सीट से भाजपा के प्रत्याशी के रूप में सांसद अजय भट्ट पर पार्टी ने यों ही दोबारा भरोसा नहीं जताया है। इसके पीछे भट्ट के क्षेत्र में सतत सक्रिय रहने और दशकों से लंबित समस्याओं का निराकरण करवाने, महत्वपूर्ण विकास कार्यों को स्वीकृति दिलाने और अत्यंत महत्त्वपूर्ण पद पर रहने के चलते देश विदेश में दायित्व निभाने के बावजूद स्थानीय जनता से निकट और आत्मीय संबंध बनाए रखना प्रमुख वजह रही।
क्षेत्र की विभिन्न समस्याओं को लेकर वे न केवल लोकसभा में मुखर रहे बल्कि प्रधानमंत्री से मुलाकात कर व्यक्तिगत स्तर पर भी इनके लिए प्रयासरत रहे। इसी वजह से वे क्षेत्र के लिए बहुत महत्वपूर्ण जमरानी बांध के लिए वित्तीय व अन्य स्वीकृति लेने में सफल रहे। इसके अलावा मोदी के प्रोजेक्ट काठगोदाम नैनीताल रोपवे, हल्द्वानी नैनीताल मार्ग को डबल लेन बनवाने, रामगढ़ में रवींद्रनाथ टैगोर के विश्व भारती विवि के कैंपस की स्थापना करवाने जैसे महत्वपूर्ण कार्य भी स्वीकृत हो सके।
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भट्ट ने बतौर सांसद पहला सवाल ही लोकसभा में जमरानी बांध का उठाया था। सांसद रहते उन्होंने लगातार रोपवे, बलियानला सहित क्षेत्र संबंधी सवाल उठाए और उनका निदान करवाया। अपने गहन अध्ययन और शालीन व्यवहार के चलते वे दो बार सर्वश्रेष्ठ सांसद भी घोषित किए गए। रक्षा और पर्यटन राज्य मंत्री जैसे महत्वपूर्ण दायित्वों के बावजूद वे क्षेत्र के लोगों के सुख दुख में व्यक्तिगत और सामाजिक कार्यक्रमों में भी उपस्थिति दर्ज कराते रहे।
चलाई सब्जी की दुकान
अजय भट्ट का जीवन बेहद संघर्षों से भरा रहा। वे भी कभी आजीविका के लिए चाय बेचते थे, दूनागिरी मंदिर में चूड़ी बिंदी सहित कभी सब्जी की दुकान चलाते थे। काम उम्र में पिता के निधन के बाद पारिवारिक जिम्मेदारी के चलते उन्होंने ये सब किया लेकिन समाज सेवा का जज्बा उन्हें राजनीति में ले आया। 1985 में वे भाजयुमो से जुड़े और राज्य आंदोलन में भी सक्रिय रहे। 1996 से 2007 तक वे विधायक रहे। बाद में भाजपा के अध्यक्ष, नेता प्रतिपक्ष भी रहे। 2017 में जब उन्हें मुख्यमंत्री बनाए जाने की पूरी संभावना थी तभी वे चुनाव हार गए और सीएम बनने से चूक गए लेकिन उनकी संगठन में सक्रियता और जनता पर पकड़ को देखते हुए भाजपा ने 2019 में लोकसभा का टिकट दिया और वे दिग्गज नेता हरीश रावत को रिकॉर्ड 339096 मतों से पराजित कर सांसद बने। 7 जुलाई 2021 को उन्हें पर्यटन और रक्षा राज्य मंत्री का दायित्व दिया गया।
ये रहीं प्रमुख उपलब्धियां
अजय भट्ट को बतौर मंत्री केवल ढाई वर्ष का कार्यकाल मिला। लेकिन इस अवधि में और पूर्व में बतौर सांसद उन्होंने जमरानी बांध की स्वीकृति, काठगोदाम नैनीताल रोपवे, सात सौ करोड़ से हल्द्वानी नैनीताल मार्ग को डबल लेन बनवाने, रामगढ़ में विश्व भारती केंद्रीय विवि कैंपस की स्वीकृति के अलावा नैनीताल, भवाली में पार्किंग, सुशीला तिवारी अस्पताल में कैथ लैब, काठगोदाम अमृतसर ट्रेन, हल्द्वानी में केरल की तर्ज पर आयुर्वेदिक अस्पताल, दो सौ करोड़ से बलियानाले के उपचार, खैरना पुल निर्माण, कुमाऊं में एम्स के सैटेलाइट सेंटर, हर घर नल योजना सहित दर्जनों कार्यों को स्वीकृत और प्रारंभ करवाया। उनके सांसद प्रतिनिधि के रूप में गोपाल रावत ने भी सभी कार्यों को गति देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।