नेपाल सीमा से सटे उत्तराखंड के गांव में फिर टिड्डी दल का हमला, मक्का और धान की फसलों को किया चट्ट
- पिथौरागढ़ के तल्लीसार गांव पहुंचा टिड्डियों का दल
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नेपाल सीमा से लगे उत्तराखंड के गांव में टिड्डी दल ने फिर हमला बोल दिया है। टिड्डी दल रविवार को पिथौरागढ़ के तल्लीसार गांव तक पहुंच गया। लाखों की संख्या में टिड्डियों ने मक्का और धान की फसलों पर हमला कर दिया। टिड्डियों के पहाड़ तक पहुंचने से किसान चिंतित हैं। कृषि अधिकारियों ने किसानों से टिड्डियों से फसलों को बचाने के लिए कीटनाशकों का छिड़काव करने को कहा है।
मैदानी क्षेत्र में फसलों को भारी नुकसान पहुंचाने के बाद टिड्डियों का दल रविवार को पिथौरागढ़ जिले में भी पहुंच गया। रामगंगा नदी घाटी क्षेत्र से होकर टिड्डी दल के पिथौरागढ़ पहुंचने की आशंका है। तल्लीसार क्षेत्र में फसलों का अच्छा उत्पादन होता है। यहां इस समय खेतों में धान और मक्के की फसलें लहलहा रही हैं। रविवार को टिड्डी दल ने धान और मक्के की पौध पर धावा बोल दिया। किसानों ने खेतों में जाकर थालियां बजाकर और शोर मचाकर टिड्डियों को भगाया।
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इसके बाद टिड्डी दल आगे की ओर उड़ गया। टिड्डी दल के सीमांत जिले में पहुंचने से पहाड़ के किसान चिंतित हैं। किसानों ने टिड्डियों से फसलों को बचाने के लिए उपाय किए जाने की मांग की है। वहीं मुख्य कृषि अधिकारी अमरेंद्र चौधरी ने बताया कि टिड्डियों से बचाव के लिए किसानों से कीटनाशकों का छिड़काव करने को कहा गया है। कीटनाशकों के छिड़काव में सावधानी बरतनी जरूरी है।
पहाड़ में भी टिड्डियों की दहशत
किसानों के लिए आफत बना टिड्डी दल अब दूसरे पहाड़ी जिलों की ओर रुख कर रहा है। इसे लेकर जिले के कृषि विभाग ने अल्मोड़ा और बागेश्वर जिलों को अलर्ट कर दिया है। वहीं सीएओ राजेंद्र उप्रेती ने अल्मोड़ा जिले से लगे बारकोट ब्लॉक के बौतड़ी सहित कुछ गांवों के हालात का जायजा लिया। यहां दूसरे कीट से मक्के की फसल को व्यापक नुकसान हुआ है।
सीएओ उप्रेती ने बताया कि टिड्डी दल का मूवमेंट तल्लादेश से सरयू और पनार घाटी की तरफ होने के संकेत मिल रहे हैं। हो सकता है कि ये टिड्डी दल अल्मोड़ा और बागेश्वर जिले की ओर बढ़े। इसके मद्देजनर दोनों जिलों के कृषि विभाग को अलर्ट कर दिया गया है। बताया गया कि टिड्डियों के कई दल होने की सूचना है। टिड्डी दल के आगे बढ़ने पर बागेश्वर, अल्मोड़ा में सोमेश्वर घाटी क्षेत्र में फसलों को भारी नुकसान का खतरा है।
इधर सीएओ उप्रेती के नेतृत्व में बौतड़ी ग्राम पंचायत में खेतों का मुआयना किया। इन खेतों में टिड्डियों तो नहीं थी, लेकिन एक अन्य कीट (फाल आर्मी वर्म) के हमले से मक्के की फसल को व्यापक पैमाने पर नुकसान हुआ है। किसानों को नुकसान से बचाव की जानकारी दी गई। टीम में कृषि एवं भूमि संरक्षण अधिकारी हिमांशु जोशी, सहायक कृषि अधिकारी विजय शर्मा आदि शामिल हैं।
तल्लादेश पहुंची कृषि विभाग की टीम
नेपाल से लगे तल्लादेश क्षेत्र के गांवों में टिड्डी दल की दस्तक से कृषि विभाग सक्रिय हो गया है। अमर उजाला ने 19 जुलाई के अंक में तल्लादेश क्षेत्र में टिड्डी दल के पहुंचने की खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया था। विभाग ने तुरंत इन इलाकों में एक टीम को भेज किसानों को जागरूक किया।
सीएओ राजेंद्र उप्रेती ने बताया कि टिड्डी दल तल्लादेश के गांवों तक पहुंचा था। अलबत्ता किसी तरह के नुकसान की खबर नहीं है। रविवार को सहायक कृषि विकास अधिकारी नित्यानंद तिवारी और स्वजल के जेई सुभाष यादव ने किसानों को टिड्डी दल के हमले से फसलों को बचाने के उपायों की जानकारी देकर कीटनाशक दवाएं भी बांटीं। सोराई, भनार, मोस्टा, बकोड़ा, बंडा, लोडियालसेरा आदि गांवों के लिए कीटनाशक दवाओं की 20-20 बोतलें दी गईं।