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अनलॉक-1: उत्तराखंड में भी तेज होंगी आर्थिकी गतिविधियां, जनता को इन चीजों में मिल सकती है राहत, पढ़ें...

Sun, 31 May 2020 10:42 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Sun, 31 May 2020 10:42 AM IST
सार

  • आठ जून के बाद शुरू हो सकेगा पर्यटन और तीर्थाटन
  • खुलेंगे शॉपिंग माल, रात नौ से सुबह पांच बजे तक रहेगा कर्फ्यू
  • पड़ोसी राज्यों में बिना पास आवाजाही की मिल सकेगी अनुमति

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Lockdown 5.0 Unlock-1 In Uttarakhand: Government Will give These Relaxation To Public
- फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

केंद्र सरकार ने लॉकडाउन चार के समाप्त होने के साथ राज्यों को बड़ी राहत प्रदान कर दी है। उत्तराखंड के लिए सबसे बड़ी राहत यह है कि आठ जून के बाद पर्यटन और तीर्थाटन गतिविधियां शुरू हो सकेंगी। इंटर स्टेट सार्वजनिक परिवहन शुरू करने के साथ पास की अनिवार्यता समाप्त हो गई है।

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हालांकि स्कूल कॉलेज खोलने के फैसले को केंद्र ने अगले माह तक टाल दिया है, लेकिन शॉपिंग माल खोलने की अनुमति दी है। अब राज्य सरकार आने वाले दिनों में केंद्र की गाइडलाइन के अनुरूप आर्थिक गतिविधियां संचालित करने के लिए दिशानिर्देश जारी करेगी।
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केंद्र सरकार ने कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए केवल कंटेनमेंट जोन पर फोकस किया है। 30 जून तक कंटेनमेंट जोन में पूरी तरह से लॉकडाउन रहेगा। इसके अलावा अन्य क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियां और अन्य कार्यों के लिए शाम सात बजे से सुबह सात बजे तक कर्फ्यू की व्यवस्था में राहत दे दी है। अब रात नौ बजे से अगली सुबह पांच बजे तक कर्फ्यू रहेगा। राज्य सरकार चाहे तो रात नौ बजे तक बाजार खोलने की अनुमति दे सकती है।
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उत्तराखंड सरकार के लिए सबसे बड़ी राहत आठ जून से पर्यटन और तीर्थाटन गतिविधियों शुरू करने की रहेगी। हालांकि यह गतिविधियां संचालित करने के लिए केंद्र अलग से एसओपी (स्टेंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसिजर) जारी करेगा। एसओपी जारी होने के बाद सरकार चार धाम यात्रा सहित अन्य तीर्थाटन गतिविधियां संचालित कर सकेगी।


सबसे बड़ी राहत होटल व्यवसायियों के लिए है, जिन्हें दोबारा से गतिविधियां संचालित करने की अनुमति मिली है। प्रदेश की होटल एसोसिएशन लंबे समय से इसकी मांग कर रही थी। प्रदेश सरकार ने शॉपिंग माल खोलने की अनुमति भी मांगी थी, जिसे केंद्र ने स्वीकार कर लिया है। आठ जून के बाद राज्य में शॉपिंग मॉल में चहल पहल शुरू हो सकती है। हालांकि सोशल डिस्टेंसिंग के लिए एसओपी बनाई जाएगी। एसओपी प्रभावी होने के बाद इनको संचालित करने की अनुमति मिलेगी।

केंद्र ने इंटरस्टेट आवाजाही की अनुमति देकर सीमाओं को खोलने की अनुमति प्रदान कर दी है। हालांकि राज्य यह तय कर सकते हैं कि किन राज्यों के साथ यातायात शुरू किया जा सकता है। दूसरे राज्य में जाने के लिए पास की व्यवस्था समाप्त हो गई है। केवल कंटेनमेंट जोन में जाने और आने की अनुमति किसी को नहीं मिलेगी। केंद्र ने फिलहाल सिनेमाघर, व्यायामशाला और स्विमिंग पूल खोलने पर रोक लगाई है, लेकिन कुछ दिनों के बाद इसमें भी छूट दी जा सकती है।

राज्यों के बीच सुगम होगा आवागमन

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने जो रियायतें दी हैं। इसमें अहम रियायत राज्यों के बीच आवागमन को सुगम बनाना भी है। दिशा-निर्देशों के तहत एक राज्य से दूसरे राज्य में जाने के लिए अब अलग से अनुमति या ई परमिट की आवश्यकता नहीं होगी।

यानी राज्यों के बीच अब सहज आवागमन हो सकेगा। केंद्र सरकार की इस छूट से आर्थिक गतिविधियों में तेजी आ सकती है। राज्य में कोरोना संक्रमितों के लगातार मामले बढ़ रहे हैं। इसे देखते हुए सरकार आवागमन को कुछ शर्तों के साथ मंजूरी दे सकती है। जानकारों के अनुसार, सहज आवागमन अभी भी इतना आसान नहीं होगा। सरकार राज्य के अंदर सार्वजनिक वाहनों की आवाजाही को सोशल डिस्टेंसिंग और सुरक्षा मानकों के साथ खोल चुकी है। लेकिन सार्वजनिक वाहनों को यात्री नहीं मिल रहे हैं।

प्रदेश में रोडवेज बसों का संचालन नहीं हो रहा है। परिवहन निगम ने हाथ खड़े कर रखे हैं कि 50 प्रतिशत सीटों के साथ बसों का संचालन नहीं कर सकते। ये घाटे का सौदा साबित होगा। वैसे भी मंत्रालय की गाइड लाइन में सार्वजनिक परिवहन के लिए कोई स्पष्ट निर्देश नहीं हैं।

इसमें व्यक्तियों और मालवाहक वाहनों को ही अनुमति व ई परमिट से मुक्त रखा गया है। जिस तरह से गाइडलाइन में श्रमिक ट्रेनों और घरेलू विमान सेवाओं पर अब भी मंत्रालय की एसओपी का बंधन है। इस लिहाज से राज्यों के बीच सार्वजनिक वाहनों के आवाजाही भी एसओपी के अधीन हो सकती है।

सार्वजनिक वाहनों की आवाजाही से ही आएगी कारोबार में तेजी

जानकारों का मानना है कि सार्वजनिक वाहनों के एक राज्य से दूसरे राज्य में आवाजाही से ही परिवहन सेक्टर में तेजी आ सकती है। लॉकडाउन 4.0 की गाइडलाइन में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने साफ कर दिया था कि यदि दो राज्य परस्पर सहमत हों तो उनके बीच सार्वजनिक वाहनों का संचालन हो सकता है। लेकिन लॉकडाउन 5.0 में सार्वजनिक वाहनों के बारे में अलग से कोई जिक्र नहीं है।

स्कूल-कॉलेज खोले जाने को लेकर जुलाई में लिया जाएगा निर्णय
केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से जारी नई गाइडलाइन के तहत स्कूल, कॉलेज, शैक्षिक प्रशिक्षण कोचिंग संस्थानों को जुलाई 2020 में फिर से खोले जाने पर फैसला लिया जाएगा। प्रदेश में लॉकडाउन के चलते स्कूल,कॉलेजों को बंद किया गया है। यही वजह है कि बच्चों को इन दिनों ऑनलाइन पढ़ाया जा रहा है। स्कूलों और कॉलेजों को लेकर केंद्र सरकार की ओर से गाइडलाइन जारी करते हुए कहा गया है स्कूल, कॉलेजों एवं अन्य शैक्षणिक संस्थानों को खोले जाने को लेकर विचार-विमर्श के बाद निर्णय लिया जाएगा।

अधिकारियों के साथ बैठक कर केंद्र की नई गाइडलाइन अनलॉक-1 के क्रियान्वयन पर योजना बनाई जाएगी। कोविड-19 के संक्रमण को रोकने के लिए आवश्यक सावधानियां रखते हुए आर्थिक गतिविधियों को धीरे-धीरे बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं। कोशिश की जा रही है कि लोगों को अधिक से अधिक राहत पहुंचाई जाए।

-मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत

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