फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Lockdown 3.0 in Uttarakhand Latest News Update : roadways bus drivers forget food and drink for bring migrants

Lockdown 3.0 : प्रवासियों की वापसी के लिए भूख व नींद भी भूले उत्तराखंड रोडवेज बस चालक

Tue, 12 May 2020 10:52 AM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Tue, 12 May 2020 10:52 AM IST
सार

  • रोडवेज बस चालकों के लिए हरियाणा में नहीं किया गया खाने का इंतजाम
  • रोडवेज प्रशासन की ओर से व्यवस्था नहीं किए जाने पर उठ रहे सवाल

विज्ञापन
Lockdown 3.0 in Uttarakhand Latest News Update : roadways bus drivers forget food and drink for bring migrants
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : amar ujala

विस्तार

रोडवेज बसों के चालक भूख और नींद की परवाह किए बिना प्रवासियों को उनके घर पहुंचा रहे हैं। गुरुग्राम में उत्तराखंड के प्रवासियों को लेने पहुंचे चालकों के लिए वहां सोने और खाने का कोई इंतजाम नहीं किया गया। 

विज्ञापन



मजबूरी में चालकों को खाली पेट बस लेकर आना पड़ा। नारसन बॉर्डर पर उत्तराखंड में प्रवेश करने के बाद प्रशासन ने उन्हें खाने के पैकेट दिए, तब जाकर उनकी जान में जान आई। रोडवेज मुख्यालय की ओर से शनिवार को रुड़की, हरिद्वार और ग्रामीण डिपो देहरादून से रोडवेज की 103 बसों को उत्तराखंड के प्रवासियों को लाने के लिए गुरुग्राम के स्टेडियम में भेजा गया था, लेकिन यहां पर चालकों के लिए कोई इंतजाम न होने से चालक भूखे ही बस लेकर हरिद्वार पहुंचे।
विज्ञापन


यात्रियों के खाने का भी कोई इंतजाम नहीं किया गया था। खाने के नाम पर आधे से भी कम यात्रियों के सिर्फ एक-एक बिस्कुट का पैकेट दिया गया। 242 किमी के सफर के लिए आधे लीटर की पानी की बोतल दी गई।

विज्ञापन
विज्ञापन

40 सवारियों में बांटे 12 बिस्कूट के पॉकेट

रुड़की डिपो की बस संख्या यूके 07 पीए-3106 के चालक मनोज ने बताया कि गुरुग्राम से यहां आने वाले यात्रियों के लिए स्थानीय सरकार की ओर से खाने के नाम पर जो इंतजाम किए गए थे वे नाकाफी थे।

बस में जो 40 सवारी बैठे थे, उन्हें खाने के नाम एसडीआरएफ की ओर से बिस्कुट के 12 पैकेट और आधा लीटर कानी की 20 बोतलें दी र्गइं, जो कुछ ही देर में खत्म हो गई। यात्रियों के बच्चे भूख-प्यास से रोते रहे।

आधे रास्ते में बस रोकर बोतलों में पानी भरवाया। नारसन बॉर्डर पर उत्तराखंड की सीमा में प्रवेश करने के बाद खाने के के पैकेट मिले।

रुड़की रोडवेज डिपो से शनिवार को रात 10.30 बजे बस लेकर गुरुग्राम के लिए रवाना हुए। रात करीब ढाई बजे बस गुरुग्राम के स्टेडियम में पहुंची, लेकिन वहां पर हरियाणा सरकार की ओर से कोई इंतजाम नहीं किया गया। आराम, चाय, नाश्ते, खाने का कोई इंतजाम नहीं था। भूखे पेट बस चलानी पड़ी। उत्तराखंड बॉर्डर पर खाना मिला तो जान में जान आई।
- पवन कुमार, रोडवेज बस चालक

शनिवार देर रात रुड़की डिपो से बस लेकर गुरुग्राम रवाना हुआ। परिचालक भी साथ था। रविवार तड़के हरियाणा के गुरुग्राम स्टेडियम पहुंचे। वहां से 10.30 बजे उत्तराखंड के प्रवासियों को लेकर चले, लेकिन इस दौरान चाय, नाश्ता, खाना कुछ नहीं मिला। खाली पेट ही बस चलाकर नारसन बॉर्डर पहुंचे। यहां खाने के पैकेट मिले तो राहत मिली।
- रामभूल सिंह, रोडवेज बस चालक

गुरुग्राम में चालक और परिचालकों के लिए खाने व आराम का इंतजाम हरियाणा सरकार को करना था। नारसन बॉर्डर पर आने के बाद यात्रियों और चालक-परिचालकों को भोजन के पैकेट बांटे गए। चालक-परिचालकों को सैनिटाइजर और मास्क भी दिए जा रहे हैं।
- आलोक बनवाल, एजीएम, रुड़की रोडवेज डिपो

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed