उत्तराखंड: हाईकोर्ट ने दून को ऑरेंज, हरिद्वार को रेड जोन घोषित करने और शराब की दुकानों की लाइसेंस फीस मामले में मांगा जवाब
- हाईकोर्ट ने सरकार से मुख्य सचिव की अध्यक्षता में कमेटी बनाने को कहा
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नैनीताल हाईकोर्ट ने देहरादून को ऑरेंज जोन और हरिद्वार जिले को रेड जोन घोषित करने के मामले में राज्य और केद्र सरकार से पूछा है कि किस आधार पर हरिद्वार को रेड और देहरादून को ऑरेंज जॉन घोषित किया गया है। कोर्ट ने मामले में 18 मई तक जवाब मांगा है। मुख्य न्यायाधीश रमेश रंगनाथन व न्यायमूर्ति रमेश चंद्र खुल्बे की खंडपीठ के समक्ष वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से सुनवाई हुई। मामले के अनुसार हरिद्वार निवासी अक्षित शर्मा जो लॉ कॉलेज का स्टूडेंट है, उसने जनहित याचिका दायर कर कहा था कि 20 अप्रैल को हरिद्वार जिले में कोरोना के दो पॉजिटिव मरीज सामने आए थे, वहीं देहरादून जिले में कोरोना के दस पॉजिटिव मिले थे।
बावजूद इसके हरिद्वार जिले को रेड जोन और देहरादून को ऑरेंज जॉन की कैटेगरी में रखा गया है, जो कि गलत है। याचिकाकर्ता का कहना था कि जब केंद्र सरकार की गाइड लाइन स्पष्ट है कि जहां ज्यादा पॉजिटिव मरीज होंगे उस क्षेत्र को रेड जोन, जहां कम होंगे उसको ऑरेंज और जहां नही होंगे वहां ग्रीन जॉन घोषित किया जाएगा। हरिद्वार में कम व देहरादून में ज्यादा मरीज होने पर भी हरिद्वार को इस आधार पर रेड जोन घोषित किया गया है इसकी जांच होनी चाहिए। पक्षों की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने राज्य सरकार व केंद्र सरकार से पूछा है कि किस आधार पर हरिद्वार को रेड जोन और देहरादून को ऑरेंज जोन घोषित किया गया है, इसका जवाब 18 मई तक कोर्ट के समक्ष पेश करें।
शराब के दुकानों की लाइसेंस फीस के मामले में सुनवाई
हाईकोर्ट ने शराब के दुकानों की लाइसेंस फीस और अन्य कर कम करने पर विचार करने के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में कमेटी गठित कर चार सप्ताह में निर्णय लेने का निर्देश सरकार को दिया है। न्यायमूर्ति शरद कुमार शर्मा की एकलपीठ ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से उत्तरकाशी में शराब की दुकान के ठेकेदार सौरभ राणा की याचिका पर सुनवाई के दौरान ये निर्देश दिए। याचिका में याची ने कहा था कि 19 मार्च को 2020 को जब उनके नाम शराब की दुकान आवंटित हुई तब शराब की दुकान खुलने का समय सुबह 10 बजे से रात 10 बजे तक था।
इसी समय के मुताबिक शराब की दुकान के टैक्स, लाइसेंस फीस आदि निर्धारित थी। लॉकडाउन घोषित होने के कारण अप्रैल में शराब की दुकान नहीं खुली। मई में इसका समय सुबह 7 बजे से एक बजे और इन दिनों सुबह सात बजे से शाम चार बजे तक किया गया है। इस समय में शराब की बिक्री न होने से उन्हें भारी राजस्व की हानि हो रही है। इसे देखते हुए लाइसेंस फीस और अन्य करों में कमी की जाए ।
पक्षों की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता से जिला आबकारी अधिकारी के समक्ष आबकारी नीति 2020 के सेक्शन 35 के अंतर्गत प्रत्यावेदन देने को कहा है । जिला आबकारी अधिकारी इस प्रत्यावेदन को शासन को भेजेंगे और सरकार मुख्य सचिव की अध्यक्षता में कमेटी गठित कर इस मामले में चार सप्ताह के भीतर निर्णय लेगी। इसके साथ ही कोर्ट ने याचिका को निस्तारित कर दिया है।