शराब के शौकीनों के लिए बुरी खबर, आपकी जेब पर भारी पड़ेगा सरकार का फैसला
शराब के शौकीनों के लिए बुरी खबर है। सरकार ने शराब के रेट में बढ़ोत्तरी कर दी है। जानिए आपकी जेब पर कितना असर पड़ेगा।
प्रदेश में देसी शराब महंगी हो गई है। सरकार ने देसी शराब पर लगने वाली न्यूनतम प्रत्याभूति ड्यूटी (एमजीडी) में 40 रुपये का इजाफा कर दिया है। कैबिनेट के फैसले के बाद अपर मुख्य सचिव आबकारी डॉ. रणवीर सिंह की ओर से इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी गई है।
प्रदेश में देसी शराब की बिक्री गढ़वाल मंडल के पांच पर्वतीय जनपदों को छोड़कर अन्य सभी जिलों में होती है। चार डिस्टलरियां इसका उत्पादन करती हैं। अनुमान के मुताबिक प्रदेश में देसी शराब का कोटा लगभग 2.5 करोड़ बल्क लीटर है।
हिमाचल प्रदेश और उत्तर प्रदेश के मुकाबले महंगी
राजस्व बढ़ाने के लिहाज से विभाग ने देसी शराब पर लगने वाले एमजीडी में वृद्धि का प्रस्ताव रखा था। गैरसैंण में छह दिसंबर को हुई कैबिनेट की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई थी। इसके बाद शराब पर लगने वाले एमजीडी को 200 रुपये से बढ़ाकर 240 रुपये निर्धारित कर दिया गया है।
एमजीडी में वृद्धि से देसी शराब की कीमतों में इस हिसाब से बढ़ोतरी होने का अनुमान लगाया जा रहा है। हालांकि डिस्टलरी संचालकों का कहना है कि देसी शराब के एमजीडी में वृद्धि से सरकार को मिलने वाले राजस्व में वृद्धि नहीं होगी। पड़ोसी राज्यों (हिमाचल प्रदेश और उत्तर प्रदेश) के मुकाबले देसी शराब की कीमत अधिक हो जाने की स्थिति में इसकी तस्करी को बढ़ावा मिल सकता है।