जयमल हत्याकांड: जमीन के विवाद में फायरिंग कर की थी हत्या, 16 आरोपियों को आजीवन कारावास
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जमीन के विवाद को लेकर वर्ष 2015 में सितारगंज में हुए जयमल हत्याकांड में तृतीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विवेक द्विवेदी की अदालत ने 16 अभियुक्तों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। एक अभियुक्त के विदेश में होने के कारण उसके खिलाफ कोर्ट में मुकदमा नहीं चला।
मंगलवार को सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता लक्ष्मीनारायण पटवा से मिली जानकारी के अनुसार 17 जुलाई 2015 को सितारगंज के गांव जनता फार्म निवासी अंग्रेज सिंह अपने पिता जयमल सिंह और भाइयों के साथ खेत में खाद छिड़क रहे थे। इसी बीच, गांव के ही 17 लोग जयमल के खेत में कब्जा करने की नीयत से पहुंचे। उन्होंने जयमल सिंह और उनके परिवारवालों के साथ मारपीट के बाद फायरिंग की थी।
इसमें जयमल सिंह की मौके पर ही मौत हो गई। मृतक के बेटे अंग्रेज सिंह ने हत्या में शामिल लखविंदर सिंह, रंजीत सिंह, सुरजीत सिंह, हरजीत सिंह, जगवीर सिंह, पहल सिंह, हरपाल सिंह, जोगा सिंह, जगतार सिंह, अंग्रेज सिंह, मनजीत सिंह, राजेंद्र सिंह, प्रेमजोत सिंह, मलकीत सिंह, गुरदेव सिंह, दलवीर सिंह और बिट्टू सिंह के खिलाफ सितारगंज थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया।
विवेचना के बाद पुलिस ने सभी 17 अभियुक्तों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, लेकिन कुछ समय बाद सभी अभियुक्तों को हाईकोर्ट से जमानत मिल गई थी। इधर, पुलिस की ओर कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल करने के बाद मामला तृतीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विवेक द्विवेदी की अदालत में पहुंचा। मामले में सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता लक्ष्मी नारायण पटवा ने 17 गवाह पेश किए।
बचाव पक्ष की ओर से भी तीन लोगों ने गवाही दी। कुल 20 गवाहों को सुनने और तथ्यों का परीक्षण करने के बाद मंगलवार को तृतीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विवेक द्विवेदी की अदालत ने 16 अभियुक्तों लखविंदर सिंह, रंजीत सिंह, सुरजीत सिंह, हरजीत सिंह, जगवीर सिंह, पहल सिंह, जोगा सिंह, जगतार सिंह, अंग्रेज सिंह, मनजीत सिंह, राजेंद्र सिंह, प्रेमजोत सिंह, मलकीत सिंह, गुरदेव सिंह, दलवीर सिंह और बिट्टू सिंह को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है।
विदेश में होने के कारण एक पर नहीं चला मुकदमा
जयमल हत्याकांड में सजा से बचने के लिये हाईकोर्ट से जमानत पर रिहा होने के बाद एक अभियुक्त हरपाल सिंह भारत छोड़कर विदेश भाग गया। इसके चलते आरोप पत्र में पुलिस को हरपाल सिंह का नाम फरारी में दर्ज करना पड़ा और फरारी में नाम दर्ज होने के कारण हरपाल सिंह के खिलाफ मुकदमा नहीं चल सका।
मुल्जिमों की फोटो खींचने पर कोर्ट परिसर में हुआ विवाद
जयमल हत्याकांड में कोर्ट के फैसले के बाद कोर्ट परिसर में उस समय तनाव का माहौल बन गया जब वादी पक्ष और मुल्जिम पक्ष के लोगों के बीच आपसी तकरार हो गई। पंतनगर थाना प्रभारी अशोक कुमार ने बताया कि अदालत के सजा सुनाने के बाद जब पुलिस अभियुक्तों को जेल भेजने के लिए सरकारी वाहन में बैठाने लगी तो वादी पक्ष से किसी ने मोबाइल से मुल्जिमों का फोटो खींचना शुरू कर दिया। इससे नाराज मुल्जिम पक्ष के लोग वादी पक्ष के लोगों से भिड़ गए लेकिन मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने लाठी फटकारकर वादी पक्ष के लोगों को भगाया और मुल्जिमों को गाड़ी में बैठाकर जेल के लिए रवाना कर दिया।