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उत्तराखंड: चार साल पहले हुए तेजाब कांड में मां और बेटे को आजीवन कारावास, पढ़ें पूरा मामला

Wed, 24 Oct 2018 08:30 AM IST
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, हल्द्वानी
न्यूज डेस्क/अमर उजाला, हल्द्वानी Updated Wed, 24 Oct 2018 08:30 AM IST
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Life time imprisonment to Mother and son for acid attack in haldwani
jail

चार साल पहले इंदिरानगर में तेजाब हमले के मामले में प्रथम सत्र न्यायाधीश अरविंद कुमार की अदालत ने मां और बेटे को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। दोनों पर एक लाख 20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। 

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सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता नवीन चंद्र जोशी के अनुसार कोर्ट ने आरोपी जकी अहमद और उसकी मां रहमत जहां को धारा 307, 326 ए, 504, 506 और सपठित 34 एक्ट के तहत दोषी माना है। कोर्ट ने दोनों के खिलाफ धारा 326 ए के तहत आजीवन कारावास के साथ 50-50 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड नहीं देने पर छह-छह माह की अतिरिक्त सजा भी भुगतनी होगी।
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धारा 307 सपठित 34 एक्ट के तहत दस-दस वर्ष का सश्रम कारावास और दस-दस हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया है। अर्थदंड नहीं देने पर छह-छह महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। धारा 506 के तहत एक-एक वर्ष का कारावास और धारा 504 के तहत के एक-एक साल की सजा से दंडित किया है। सभी सजाएं एक साथ चलेगी। 
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पीड़ितों को मिलेगी आर्थिक मदद 
अदालत ने अर्थदंड की धनराशि झुलसे लोगों को देने के निर्देश दिए हैं। गंभीर रूप से घायल इरशाद, सुमायला, शाहीन, नौसाद अहमद, फैजान, नाजिया, शाहिद दस-दस हजार रुपये और अन्य घायल तीन-तीन हजार रुपये की प्रतिकर की धनराशि पाने के अधिकारी होंगे। 

ये है मामला

वार्ड 21 इंदिरानगर निवासी लईक अहमद अपने रिश्तेदार (साढ़ू) इरशाद के घर आए थे। दोनों परिवार 10 जून 2014 को काठगोदाम दरगाह पर दुआ मांगने जा रहे थे। आरोप है कि इस बीच पड़ोसी जकी अहमद के परिवार ने छींटाकशी शुरू कर दी। अपशब्दों का विरोध करने पर दोनों पक्षों में बहस हो गई। गुस्साए जकी अहमद और उसके परिवार ने तेजाब फेंक दिया, इससे वहां खेल रहे दस बच्चों सहित 19 लोग झुलस गए।

इस मामले में लईक अहमद की तहरीर पर पांच लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। विवेचना के दौरान पुलिस ने एक अभियुक्त को छोड़ दिया था, जबकि दो लोगों के खिलाफ चार्जशीट दायर की थी।

फैसले की प्रति विधिक प्राधिकरण को दें 
अदालत ने उत्तराखंड उच्च न्यायालय में पारित आदेश उत्तराखंड स्टेट बनाम आजम गवर्मेंट अपील संख्या 12/2011 का हवाला देते हुए उत्तराखंड अपराध से पीड़ित सहायता योजना-2013 के अनुसार पीड़ितों को नियमानुसार प्रतिकर दिलाने के लिए निर्णय की प्रति जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को भेजने के निर्देश दिए। 

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