Pauri: गुलदार के हमले ने खोली सरकारी तंत्र की पोल, घायल बच्चे के घर नहीं शौचालय, बिजली न पीएम आवास का लाभ
लदार के हमले में छह वर्षीय बच्चा कार्तिक घायल हो गया था। उसका उपचार एम्स ऋषिकेश में चल रहा है। सरकारी आकड़ों में गांव ही नहीं पूरे ब्लॉक को ओडीएफ (खुले में शौच से मुक्त) व सौभाग्य योजना के तहत बिजली आच्छादित घोषित किया जा चुका है। लेकिन पीडि़त इन योजनाओं से वंचित है।
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सरकार विकास योजनाओं का लाभ गांव के आखिरी व्यक्ति तक पहुंचाने के दावे करती है, लेकिन हकीकत कुछ और है। इसकी बानगी जनपद पौड़ी में गुलदार के हमले में 21 सितंबर को घायल बच्चे का परिवार है। घटना के बाद सामने आया है कि गरीब परिवार के घर में शौचालय व बिजली व्यवस्था नहीं है और न ही उन्हें पीएम आवास योजना का लाभ मिला।
द्वारीखाल ब्लॉक के ठांगर गांव में गुलदार के हमले में छह वर्षीय बच्चा कार्तिक घायल हो गया था। उसका उपचार एम्स ऋषिकेश में चल रहा है। सरकारी आकड़ों में गांव ही नहीं पूरे ब्लॉक को ओडीएफ (खुले में शौच से मुक्त) व सौभाग्य योजना के तहत बिजली आच्छादित घोषित किया जा चुका है। लेकिन पीडि़त इन योजनाओं से वंचित है। यह प्रकरण बताता है कि रिकॉर्ड बेहतर दर्शाने के लिए अधिकारियों ने कागजों में खानापूर्ति की है।
कार्तिक के ममेरे भाई नीरज शाह ने बताया कि उस दिन सुबह सात बजे कार्तिक खुले में शौच के लिए जा रहा था। तभी गुलदार ने उस पर हमला कर दिया था। यदि घर पर शौचालय होता, तो कार्तिक को असहनीय दर्द नहीं सहना पड़ता। कार्तिक के पिता मोहन सिंह ने बताया कि एम्स में इलाज चलने की वजह से वही कमरा किराए पर लिया है। ऐसे में मजदूरी छूट रही है और दवा व कमरे का किराया का बोझ बढ़ाता जा रहा है।
आयुष्मान योजना का नहीं मिल रहा लाभ
गुलदार के हमले में घायल कार्तिक का आधार कार्ड अपडेट नहीं है। जिससे आयुष्मान कार्ड नहीं बना है। ऐसी स्थिति में परिवार को योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है।
यह कहना है ग्राम प्रधान का
ग्राम प्रधान सोनम देवी ने बताया कि ठांगर गांव के खोली तोक में दो पीढ़ी पहले मोहन सिंह का परिवार बंदेला गांव से आया था। लेकिन आज तक परिवार ने भूमि अपने नाम दर्ज नहीं कराई है। पीएम आवास योजना का लाभ भूमि अपने नाम नहीं होने से नहीं मिल पाया है। पुश्तैनी मकान में मोहन सिंह व उसके भाई का परिवार रहता है। बिजली का खंभा है, लेकिन कनेक्शन नहीं होने के पीछे पारिवारिक विवाद है। मोहन सिंह के पिता के नाम शौचालय बनाए जाने को लेकर 12 हजार की धनराशि स्वजल के दस्तावेजों में दर्ज हैं। लेकिन धनराशि मिली या नहीं मिली, इसकी स्थिति स्पष्ट नहीं है।
घर व आसपास लगी तीन सोलर लाइट
मोहन सिंह के घर व उसके आसपास तीन सोलर लाइट लगा दी गई हैं। खंड विकास अधिकारी द्वारीखाल रवि सैनी ने बताया कि घटना के बाद प्रभावित घर के समीप तीन सोलर लाइट लगा दी गई हैं। वहीं वन क्षेत्राधिकारी लैंसडौन राकेश चंद्र ने बताया कि बच्चे के परिजनों को दस हजार की अग्रिम मुआवजा राशि दे दी गई है। मेडिकल रिपोर्ट मिलने पर शेष राशि का भुगतान किया जाएगा।
खंड विकास अधिकारी से प्रमाणित आवेदन मिलने पर तत्काल प्रभाव से प्रभावित परिवार के घर पर बिजली कनेक्शन लगा दिया जाएगा। -मुकेश कुमार, एसडीओ विद्युत वितरण खंड सतपुली।
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ठांगर गांव के गुलदार प्रभावित परिसर के घर पर शौचालय व बिजली कनेक्शन नहीं होने की बात सामने आई है। प्रकरण की जांच के लिए दो सदस्यीय जांच कमेटी का गठन कर आवश्यक दिशा-निर्देश दे दिए गए हैं। रिपोर्ट आने पर मामले में अग्रिम कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। - डॉ. आशीष चौहान, डीएम पौड़ी।