मंदिर में कमरा बनवाने को लेखपाल मांग रहा था एक लाख की रिश्वत, विजिलेंस ने किया गिरफ्तार
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विजिलेंस टीम ने 30 हजार की रिश्वत लेते लेखपाल को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। आरोप है कि मंदिर में पुजारी के लिए एक कमरा बनाने की अनुमति के एवज में लेखपाल विशंबर प्रसाद जोशी एक लाख रुपये की रिश्वत मांग रहा था।
डायरेक्टर विजिलेंस आरएस मीना ने ट्रैप टीम को 10 हजार रुपये ईनाम देने की घोषणा की है। शिकायतकर्ता ने विजिलेंस से की शिकायत में कहा कि वे चंद्रबनी चोयला में मंदिर के पुजारी के लिए एक कमरे का निर्माण करा रहा था, लेकिन दो सप्ताह पूर्व लेखपाल विशंबर प्रसाद जोशी मंदिर पहुंचे और कहने लगे कि निर्माण कार्य किसकी अनुमति से कराया जा रहा है। जमीन की रजिस्ट्री और वन विभाग की एनओसी होने के बावजूद लेखपाल ने काम बंद करने को कहा। उन्होंने कहा कि काम बंद न करने पर पुलिस में शिकायत करने की धमकी दी।
28 मार्च को उसने पुलिस को मौके पर बुलाया और काम रोकने को कहा। शिकायतकर्ता का कहना है कि उसके भाई ने पुलिस को सारी बात बताई। जिसके बाद पुलिस चली गई। इसी दिन लेखपाल से शिकायतकर्ता की फोन पर बात हुई। आरोप है कि लेखपाल ने उनसे कहा कि बगैर खर्चा पानी के निर्माण कार्य नहीं होने दिया जाएगा। लेखपाल ने उन्हें तेलपुरा चौक स्थित एक दुकान में मिलने के लिए कहा।
आरोप है कि यहां लेखपाल ने काम के लिए एक लाख रुपये की मांग की, लेकिन बाद में बात 75 हजार में मान गया। जिसकी पहली किश्त के रूप में 30 हजार रुपये की मांग की गई। मामले की शिकायत पर एएसपी विजिलेंस प्रमोद कुमार के नेतृत्व में गोपनीय जांच बैठाई गई। गोपनीय जांच में आरोप सही पाते हुए विजिलेंस ने ट्रैप टीम का गठन किया। आरोपी को पहली किश्त के लिए कलेक्ट्रेट मेन गेट पर बुलाया गया। जहां उसे रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया गया।