हाईकोर्ट के आदेश पर नाबालिग के उत्पीड़न में निलंबित जज दीपाली शर्मा के खिलाफ मुकदमा दर्ज
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नैनीताल की किशोरी का दास के तौर पर इस्तेमाल और मारपीट करने के आरोप में निलंबित सिविल जज (सीनियर डिविजन) दीपाली शर्मा के खिलाफ सोमवार देर शाम हाईकोर्ट के आदेश पर एएसपी की ओर से सिडकुल थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है।
एसएसपी ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है। 29 जनवरी 2018 को नैनीताल हाईकोर्ट के आदेश पर जिला जज राजेंद्र सिंह चौहान और एसएसपी कृष्ण कुमार वीके की अगुवाई में एक टीम ने सिविल जज दीपाली शर्मा के आवास (जजेज कॉलोनी रोशनाबाद) में छापा मारकर एक किशोरी को मुक्त कराया था।
जिला जज की मौजूदगी में जिला अस्पताल में किशोरी का मेडिकल कराया गया था। इस दौरान किशोरी के शरीर पर चोट के 20 निशान पाए गए थे। चिकित्सक ने यह निशान किसी डंडे या किसी धातु के होने की संभावना जताई थी।
एडीजे चतुर्थ की कोर्ट में किशोरी के बयान दर्ज कराए गए थे। उसके बाद किशोरी को बाल कल्याण समिति के सुपुर्द किया गया था। समिति ने किशोरी को श्रीराम आश्रम (अनाथालय) में भेज दिया था। तब से किशोरी वहीं है।
किशोरी के पिता हेम चंद्र दानी (निवासी पदमपुरी नैनीताल) ने महिला जज को क्लीन चिट देते हुए कोई कानूनी कार्रवाई नहीं करने की बात कही थी। हालांकि, कई तकनीकी पेचीदगी के चलते किशोरी से उनकी मुलाकात नहीं हो पाई थी।
हाईकोर्ट ने एसएसपी कृष्ण कुमार वीके को इस संबंध में मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए थे। सोमवार शाम एएसपी रचिता जुयाल की ओर से निलंबित महिला जज के खिलाफ आईपीसी की धारा 370 (किसी व्यक्ति का दास के तौर पर इस्तेमाल करना) और धारा 323 (मारपीट) के तहत मुकदमा दर्ज कराया गया। एसएसपी कृष्ण कुमार वीके ने बताया कि महिला जज के खिलाफ हाईकोर्ट के आदेश पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।