उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय के 12 शिक्षक हों सकते हैं बर्खास्त, भत्तों से होगी रिकवरी
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उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय की पूर्व कुलपति डा. सुधा रानी पांडेय के खिलाफ बहादराबाद थाने में मुकदमा दर्ज हो किया गया है। इसके बाद से कॉलेज में हड़कंप मचा हुआ है। जानें पूरा मामला...
इस मामले के बाद से फर्जी तरीके से भर्ती हुए प्रोफेसर और अस्टिेंट प्रोफेसरों में हड़कंप मचा हुआ है। कुलपति ने भर्ती हुए 12 अयोग्य शिक्षकों को बर्खास्त करने को फाइल पर काम करना शुरू कर दिया है।
जिससे पूर्व कुलपति के साथ-साथ नियुक्ति पाने वाले एक प्रोफेसर और 11 असिस्टेंट प्रोफेसर पर कार्रवाई की तलवार लटक गई है। कुलपति की माने तो उन्हें मिले लाभ और भत्तों की भी रिकवरी कराई जाएगी।
मालूम हो कि शासन स्तर पर जांच होने के बाद मौजूदा कुलपति डा. पीयूषकांत दीक्षित की ओर से एसएसपी को दिए गए शिकायती पत्र शुक्रवार को बहादराबाद थाने में डा. सुधा रानी पांडेय के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था।
उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय हमेशा विवादों में घिरा रहा। कभी शिक्षकों की नियुक्तियों पर सवाल उठे तो कभी स्टाफ में आपसी विवादों के साथ निर्माणों में भ्रष्टाचार का मामला।
अब पुराने विवादों में नया मोड़ आ गया है। वर्ष 2010 में डा. सुधा रानी पांडेय विश्वविद्यालय की कुलपति थी तो उनके समय में हुई भर्ती में एक प्रोफेसर और 11 असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्तियां की गई थी।
समय-समय पर इन नियुक्तियों को लेकर सवाल उठते रहे हैं। कई बार राजभवन तक शिकायतें हुई और जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य भी सामने आए। कार्रवाई कभी नहीं हुई। लंबे समय से यह प्रकरण ठंडे बस्ते में पड़ा हुआ था। शुक्रवार को अचानक ही नियुक्तियों में नया मोड़ आ गया। पुलिस के अनुसार विश्वविद्यालय के वर्तमान कुलपति डा. पीयूषकांत दीक्षित ने 31 अगस्त को एक शिकायती पत्र एसएसपी हरिद्वार को दिया था।
जिस पर शासन स्तर पर सचिव से कराई गई जांच की रिपोर्ट भी एसएसपी को दी गई। एसएसपी ने शिकायती पत्र और सचिव की जांच रिपोर्ट के आधार पर मुकदमा दर्ज करने के निर्देश बहादराबाद पुलिस को दिए थे।
मेरे खिलाफ मुकदमा दर्ज होने की जानकारी मुझे समाचार पत्रों से मिली है। मुझे सेवानिवृत्त हुए भी सात साल हो चुके हैं, ठीक से कुछ याद नहीं है। इसलिए इस बारे में कोई कमेंट नहीं करूंगी। इतना जरूर कहूंगी कि मेरे कार्यकाल में सभी कार्य नियमानुसार हुए हैं।
डा. सुधा रानी पांडे, पूर्व कुलपति, उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय।