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Dehradun News: प्लांट टैक्सोनॉमी के क्षेत्र में प्रौद्योगिकी के प्रयोग से युवा वैज्ञानिकों को मिलेगी नई दिशा
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Iयूसर्क की ओर से प्लांट टैक्सोनॉमी पर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजितI
उत्तराखंड विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान केंद्र (यूसर्क) ने वनस्पति सर्वेक्षण संस्थान देहरादून में प्लांट टैक्सोनॉमी विषय पर प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया। यूसर्क की निदेशक डाॅ. अनीता रावत ने कहा कि प्लांट टैक्सोनॉमी के क्षेत्र में प्रौद्योगिकी के प्रयोग एवं बेसिक साइंस के समावेश से युवा वैज्ञानिकों को नई दिशा प्रदान की जा सकेगी।
उन्होंने कहा कि देश में पादपों की सही पहचान के लिए टैक्सोनाॅमिस्ट बहुत कम है, जिसके लिए छात्रों को प्रशिक्षित करने की आवश्यकता है। संचालन करते हुए सर्टिफिकेट कोर्स की समन्वयक व यूसर्क वैज्ञानिक डाॅ. मंजू सुंदरियाल ने पादपों के समुचित प्रबंधन एवं संरक्षण के लिए प्लांट टैक्सोनॉमी के अध्ययन को महत्वपूर्ण बताया। उच्च शिक्षा उन्नयन समिति के उपाध्यक्ष डाॅ. देवेंद्र भसीन ने कहा कि किसी भी पौधे पर शोध एवं अध्ययन के लिए उसकी सही पहचान करना आवश्यक है। उन्होंने युवाओं के कौशल विकास एवं उद्यमिता विकास पर बल दिया।
कार्यक्रम में विभागाध्यक्ष डाॅ. एसके सिंह ने कहा कि टैक्सोनॉमी एक वृहद विषय है और वनस्पति शास्त्र की प्राचीनतम आधारभूत शाखा है। किसी भी पौधे के समुचित और समग्र अध्ययन करने से पहले पौधे का सही वैज्ञानिक नाम और पादप जगत में उसकी वर्गीकीय स्थिति की जानकारी आवश्यक है। कार्यक्रम में वैज्ञानिक डाॅ. समीर पाटिल, डाॅ. आरती गर्ग, डाॅ. राजेंद्र सिंह राणा, उमेश चंद्र आदि मौजूद रहे।
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उत्तराखंड विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान केंद्र (यूसर्क) ने वनस्पति सर्वेक्षण संस्थान देहरादून में प्लांट टैक्सोनॉमी विषय पर प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया। यूसर्क की निदेशक डाॅ. अनीता रावत ने कहा कि प्लांट टैक्सोनॉमी के क्षेत्र में प्रौद्योगिकी के प्रयोग एवं बेसिक साइंस के समावेश से युवा वैज्ञानिकों को नई दिशा प्रदान की जा सकेगी।
उन्होंने कहा कि देश में पादपों की सही पहचान के लिए टैक्सोनाॅमिस्ट बहुत कम है, जिसके लिए छात्रों को प्रशिक्षित करने की आवश्यकता है। संचालन करते हुए सर्टिफिकेट कोर्स की समन्वयक व यूसर्क वैज्ञानिक डाॅ. मंजू सुंदरियाल ने पादपों के समुचित प्रबंधन एवं संरक्षण के लिए प्लांट टैक्सोनॉमी के अध्ययन को महत्वपूर्ण बताया। उच्च शिक्षा उन्नयन समिति के उपाध्यक्ष डाॅ. देवेंद्र भसीन ने कहा कि किसी भी पौधे पर शोध एवं अध्ययन के लिए उसकी सही पहचान करना आवश्यक है। उन्होंने युवाओं के कौशल विकास एवं उद्यमिता विकास पर बल दिया।
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कार्यक्रम में विभागाध्यक्ष डाॅ. एसके सिंह ने कहा कि टैक्सोनॉमी एक वृहद विषय है और वनस्पति शास्त्र की प्राचीनतम आधारभूत शाखा है। किसी भी पौधे के समुचित और समग्र अध्ययन करने से पहले पौधे का सही वैज्ञानिक नाम और पादप जगत में उसकी वर्गीकीय स्थिति की जानकारी आवश्यक है। कार्यक्रम में वैज्ञानिक डाॅ. समीर पाटिल, डाॅ. आरती गर्ग, डाॅ. राजेंद्र सिंह राणा, उमेश चंद्र आदि मौजूद रहे।
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