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Dehradun News: गले में हो रहा लैरिंजाइटिस, कमजोर इम्यूनिटी वाले ज्यादा प्रभावित
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यदि आपका गला दर्द कर रहा है... पानी और खाना निगलने में परेशानी हो रही है तो सावधान हो जाएं। आपको लैरिंजाइटिस हो सकता है। यह बीमारी अधिकतर कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों को प्रभावित कर रहा है। हालांकि मामूली एहतियात और खानपान में विशेष ध्यान रखकर इस बीमारी से आसानी से बचा जा सकता है।
दून अस्पताल के जनरल मेडिसिन विभाग में रोजाना पहुंचने वाले मरीजों में 30-40 प्रतिशत लैरिंजाइटिस के आ रहे हैं। जनरल मेडिसिन विभाग के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. कुमार जी कौल ने बताया कि इस समय लोगों में लैरिंजाइटिस बीमारी देखने को मिल रही है। यह वायरल फ्लू का दूसरा रूप है। इसमें सिर दर्द, बदन दर्द, खांसी नजला-जुकाम होता है। उसके बाद धीरे-धीरे गले में दर्द होने लगता है। सामान्य दवाइयों से यह बीमारी तीन-चार दिन में ठीक हो जाती है। लेकिन, जिन लोगों की रोग-प्रतिरोधक क्षमता कम है उनको रिकवर होने में आठ से दस दिन का समय लग सकता है।
ओपीडी में पहुंचे 2000 से ज्यादा मरीज
दून अस्पताल की ओपीडी में सोमवार को करीब दो हजार मरीज उपचार के लिए पहुंचे। इनमें करीब 400 मरीज जनरल मेडिसिन विभाग में पहुंचे थे, जिनमें से 30 से 40 प्रतिशत मरीज लैरिंजाइटिस के थे।
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मौसम में बदलाव का असर, खानपान का रखें ध्यान
डॉ. कौल के अनुसार इस समय धीरे-धीरे मौसम बदल रहा है। सुबह-शाम ठंड हो रही है तो दिन में चटक धूप खिल रही है। ऐसे मौसम में विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। सुबह-शाम गर्म कपड़े पहनें। इसके अलावा बाहर के खाने से परहेज करें। यही नहीं यदि लैरिंजाइटिस जैसा लक्षण है तो गुनगुना पानी पीएं। दिन में कई बार नमक के पानी से गरारे भी कर सकते हैं, इससे राहत मिलेगी। कहा कि ज्यादा दिक्कत होने पर डॉक्टर से परामर्श लें।
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दून अस्पताल के जनरल मेडिसिन विभाग में रोजाना पहुंचने वाले मरीजों में 30-40 प्रतिशत लैरिंजाइटिस के आ रहे हैं। जनरल मेडिसिन विभाग के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. कुमार जी कौल ने बताया कि इस समय लोगों में लैरिंजाइटिस बीमारी देखने को मिल रही है। यह वायरल फ्लू का दूसरा रूप है। इसमें सिर दर्द, बदन दर्द, खांसी नजला-जुकाम होता है। उसके बाद धीरे-धीरे गले में दर्द होने लगता है। सामान्य दवाइयों से यह बीमारी तीन-चार दिन में ठीक हो जाती है। लेकिन, जिन लोगों की रोग-प्रतिरोधक क्षमता कम है उनको रिकवर होने में आठ से दस दिन का समय लग सकता है।
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ओपीडी में पहुंचे 2000 से ज्यादा मरीज
दून अस्पताल की ओपीडी में सोमवार को करीब दो हजार मरीज उपचार के लिए पहुंचे। इनमें करीब 400 मरीज जनरल मेडिसिन विभाग में पहुंचे थे, जिनमें से 30 से 40 प्रतिशत मरीज लैरिंजाइटिस के थे।
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मौसम में बदलाव का असर, खानपान का रखें ध्यान
डॉ. कौल के अनुसार इस समय धीरे-धीरे मौसम बदल रहा है। सुबह-शाम ठंड हो रही है तो दिन में चटक धूप खिल रही है। ऐसे मौसम में विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। सुबह-शाम गर्म कपड़े पहनें। इसके अलावा बाहर के खाने से परहेज करें। यही नहीं यदि लैरिंजाइटिस जैसा लक्षण है तो गुनगुना पानी पीएं। दिन में कई बार नमक के पानी से गरारे भी कर सकते हैं, इससे राहत मिलेगी। कहा कि ज्यादा दिक्कत होने पर डॉक्टर से परामर्श लें।